
Sita Navami 2024: सीता नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और दिव्य उपाय
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Sita Navami 2024: वैशाख शुक्ल नवमी तिथि को मध्याह्न काल और पुष्य नक्षत्र में देवी सीता का जन्म हुआ था. इस दिन माता सीता की पूजा-अर्चना कर मुश्किलों को आसानी से दूर किया जा सकता है.
Sita Navami 2024: हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी का त्योहार मनाया जाता है. कहते हैं कि वैशाख शुक्ल नवमी तिथि को मध्याह्न काल और पुष्य नक्षत्र में देवी सीता का जन्म हुआ था. इस दिन माता सीता की पूजा-अर्चना कर मुश्किलों को आसानी से दूर किया जा सकता है. देवी सीता के आशीर्वाद से माता के रोगों और पारिवारिक कलह क्लेश दोनों दूर होते हैं. आइए आपको सीता नवमी की पूजन विधि और शुभ मुहूर्त बताते हैं.
सीता नवमी की पूजन विधि सीता नवमी पर स्नानादि के बाद गुलाबी रंग के कपड़े पहनें. गुलाबी आसन पर उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें. भूमि को शुद्ध कर सुंदर मंडप बनाएं. मंडप के मध्य में एक चौकी स्थापित करें. गुलाबी वस्त्र बिछाकर गुलाबी चावल का अष्ट दल बनाएं. अष्ट दल पर राम-जानकी की धातु, काठ या मिट्टी की प्रतिमा रखें. विधि से पूजन करें. माता सीता को लाल वस्त्र पहनाएं. माता सीता को लाल फूल, सिंदूर अर्पित करें. शुद्ध देशी घी का दीपक जलाएं. पूजा में गुलाब की धूप बत्ती जलाएं. साबूदाने की खीर का भोग लगाएं.
शुभ मुहूर्त सीता नवमी पर देवी सीता की पूजा का शुभ मुहूर्त 16 मई को सुबह 11 बजकर 5 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक रहेगा.
दिव्य उपाय
1. माता के दुख-रोग होंगे दूर सीता नवमी के दिन शुद्ध रोली मोली, चावल, धूप, दीप, लाल फूलों की माला और गेंदे के पुष्प और मिष्ठान आदि से माता सीता की पूजा अर्चना करें. तिल के तेल या गाय के घी का दीया जलाएं और एक आसन पर बैठकर लाल चंदन की माला से ॐ श्रीसीताये नमः मंत्र का एक माला जाप करें. अपनी माता के स्वास्थ्य की प्रार्थना करें.
2. पारिवारिक कलह से मुक्ति सीता नवमी के दिन दोपहर के समय श्री सीताराम जी को पीले फूलों की माला अर्पण करें. पीले मिष्ठान का भोग लगाकर मिट्टी के दीए में कपूर रखकर आरती करें. एक आसन पर बैठकर श्रीसीता रामाय नमः मंत्र का एक माला जाप करें. जाप के बाद मिष्ठान का भोग लगाकर जरूरतमंद बच्चों और स्त्रियों में बांटे.

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