
Sharad Purnima 2021: शरद पूर्णिमा पर बरसेगा अमृत, चांद की रोशनी में खीर रखने से होंगे ये लाभ, पढ़ें ये मंत्र
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Sharad Purnima 2021: ऐसी मान्यताएं हैं कि प्रेम और कलाओं से परिपूर्ण भगवान कृष्ण ने इसी दिन महारास रचाया था. ज्योतिषविदों के मुताबिक, इस दिन चंद्रमा संपूर्ण सोलह कलाओं से युक्त होता है और चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है. ये अमृतवर्षा जीवन में धन, प्रेम और स्वास्थ्य तीनों का सुख लेकर आती है.
Sharad Purnima 2021: आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा कहते हैं. इस तिथि से शरद ऋतु प्रारंभ होती है, इसलिए इसे शरद पूर्णिमा कहा जाता है. ऐसी मान्यताएं हैं कि प्रेम और कलाओं से परिपूर्ण भगवान कृष्ण ने इसी दिन महारास रचाया था. ज्योतिषविदों के मुताबिक, इस दिन चंद्रमा संपूर्ण सोलह कलाओं से युक्त होता है और चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है. ये अमृतवर्षा जीवन में धन, प्रेम और स्वास्थ्य तीनों का सुख लेकर आती है.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










