
Sankashti Chaturthi 2021: संकष्टी चतुर्थी पर शुभ संयोग, जानें भगवान गणेश की पूजन विधि और मुहूर्त
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Sankashti Chaturthi June 2021: आषाढ़ मास की पहली संकष्टी चतुर्थी 27 जून को पड़ रही है. इस दिन एक विशेष संयोग भी बन रहा है. दरअसल रविवार के दिन पड़ने की वजह से इसे रविवती संकष्टी चतुर्थी कहा जाएगा. यह तिथि उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होती है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में होता है.
किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले भगवान गणेश की अराधना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणपति की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करने से सारी इच्छाएं पूरी होती हैं. आषाढ़ मास की पहली संकष्टी चतुर्थी 27 जून को पड़ रही है. इस दिन एक विशेष संयोग भी बन रहा है. दरअसल रविवार के दिन पड़ने की वजह से इसे रविवती संकष्टी चतुर्थी कहा जाएगा. यह तिथि उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होती है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में होता है.
सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










