
Russia-Ukraine War: परमाणु हमले के खौफ में आम लोग, कर रहे जान बचाने का इंतजाम
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इस वक्त यूरोप से लेकर अमेरिका तक एक ही चर्चा है, क्या दुनिया परमाणु युद्ध की कगार पर खड़ी है. और कहीं ना कहीं यूक्रेन पर रूस के बढ़ते हमलों और यूक्रेन पर रूस के विनाशकारी हथियारों के इस्तेमाल के बीच ये डर और बढ़ गया है. हम आपको बता दें, कि यूरोपीय देशों ने तो परमाणु युद्ध के मद्देनज़र तैयारियां भी शुरु कर दी हैं. यूरोपियन कमीशन ने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से आयोडीन की गोलियां और परमाणु सुरक्षात्मक सूट का भंडार करने का निर्देश दिया है. आखिर क्यों यूरोपीय कमीशन को यूक्रेन औऱ रूस के बीच परमाणु युद्ध का संभावनाएं नज़र आ रही हैं, आइए देखते हैं हमारी ये स्पेशल रिपोर्ट.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











