
Ramadan 2024: दिल्ली, लखनऊ, भोपाल समेत इन बड़े शहरों में 30 मार्च का सहरी और इफ्तार टाइमिंग
AajTak
इस्लाम के पाक महीने रमजान के बाद ईद का त्योहार मनाया जाएगा. रमजान में मुस्लिम लोग रोजा रखकर सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करते हैं. रोजा रखने के लिए सुबह सूर्य उगने से पहले सेहरी खाई जाती है जिसके बाद रोजा शुरू हो जाता है. शाम को इफ्तार के समय रोजा खोला जाता है.
रमजान का पाक महीना चल रहा है. शनिवार 30 मार्च को 19वां रोजा रखा जाएगा. यह महीना बरकतों और नेमतों से भरपूर होता है. रोजा रखने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले ही सेहरी (एक तरह का नाश्ता) खाई जाती है. सेहरी खाने के बाद एक दुआ पढ़ी जाती है और रोजे की शुरुआत हो जाती है. शाम को इफ्तार के समय रोजा खोला जाता है. रोजे के दौरान एक घूंट पानी पीने तक की भी इजाजत नहीं मिलती है. हालांकि, बीमार लोगों के लिए जरूरी नहीं है कि वह रोजा रखें.
हर शहर में रोजा इफ्तार और सेहरी का समय हो सकता है. जानिए दिल्ली, मुंबई, पटना, लखनऊ, भोपाल और हैदराबाद समेत देश के 10 बड़े शहरों में रोजा इफ्तार का समय.
दिल्ली- सेहरी खाने का समय सुबह 4 बजकर 53 मिनट में खत्म हो जाएगा. शाम 6 बजकर 41 मिनट पर इफ्तार का समय यानी रोजा खोला जाएगा.
मुंबई- सेहरी खाने का समय सुबह 5 बजकर 20 मिनट में खत्म हो जाएगा. शाम 6 बजकर 53 मिनट पर इफ्तार का समय यानी रोजा खोला जाएगा.
लखनऊ- सेहरी खाने का समय 4 बजकर 40 मिनट पर खत्म हो जाएगा. शाम 6 बजकर 24 मिनट पर इफ्तार का समय यानी रोजा खोला जाएगा.
पटना- सेहरी खाने का समय सुबह 4 बजकर 25 मिनट में खत्म हो जाएगा. शाम 6 बजकर 07 मिनट पर इफ्तार का समय यानी रोजा खोला जाएगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.

Nikon Z5II review: एक कैमरा खरीदना चाहते हैं और अभी कैमरा यूज में प्रो नहीं हैं, तो आपको कम बजट वाला एक ऑप्शन चुनना चाहिए. ऐसे ही एक कैमरे को हमने पिछले दिनों इस्तेमाल किया है, जो शुरुआती बजट में आता है. इसका इस्तेमाल आप फोटो और वीडियो दोनों ही काम में कर सकते हैं. आइए जानते हैं Nikon Z5II की खास बातें.










