
Rajasthan: कांग्रेस नेता को Sextortion में फंसाने की कोशिश, न्यूड वीडियो भेजकर मांगे 20 हजार
AajTak
राजस्थान के बाड़मेर में एक कांग्रेस नेता को sextortion में फंसाने की कोशिश का मामला सामने आया है. कांग्रेस नेता ने मामला दर्ज कराया है. उधर, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
राजस्थान में साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. पुलिस की साइबर एक्सपर्ट टीमें भी अधिकतर मामलों में आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं. ताजा मामला राजस्थान के बाड़मेर से सामने आया है. यहां कांग्रेस के नेता को सेक्सटोर्शन में फंसाने की कोशिश तो की गई, लेकिन कांग्रेस नेता रुपए देने की बजाए पुलिस के पास पहुंच गए और मामला दर्ज करा दिया.
बाड़मेर में कांग्रेस नेता को सेक्सटोर्शन में फंसाने का मामला सामने आया है. न्यूड वीडियो नेता को भेजकर रुपयों की मांग की गई, लेकिन कांग्रेस नेता ने सूझबूझ दिखाते हुए रुपए देने से साफ मना कर दिया और बातचीत के स्क्रीन शॉट लेकर थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया.
कांग्रेस नेता ने कोतवाली थाना पुलिस को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि बुधवार शाम उसे व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया. कॉल अटेंड किया तो कॉल पर एक लड़की नजर आई और बात करते करते न्यूड हो गई. कुछ सेकेंड में कॉल कट कर दिया. कांग्रेस नेता ने बताया कि कुछ देर बाद उसके व्हाट्सएप पर एडिटेड न्यूड वीडियो भेजा गया, जो 35 सेकेंड का था. वीडियो को सोशल साइट्स पर अपलोड करने की धमकी देकर रुपयों की मांग की गई.
कांग्रेस नेता को एडिटेड न्यूड वीडियो का यू-ट्यूब का अपलोडिंग लिंक भी शेयर किया गया. ठगों ने पार्षद से 20 हजार रुपयों की मांग की लेकिन कांग्रेस नेता ने रुपए देने से मना कर दिया. आपबीती को लेकर वे कोतवाली थाने पहुंचे और सेक्सटोर्शन के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. वहीं पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







