
PM मोदी की 'बहुत महत्वपूर्ण' यात्रा हो रही है, पश्चिमी देश इसे 'ईर्ष्या' से देख रहे हैं, प्रधानमंत्री के रूस दौरे पर क्रेमलिन का बयान
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार और मंगलवार को दो दिनों की यात्रा पर रूस जा रहे हैं. यहां प्रधानमंत्री राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. दोनों नेता इस बीच अनौपचारिक बातचीत भी कर सकते हैं. पीेएम के इस दौरे को लेकर रूस ने कहा कि पश्चिमी देश इसे 'ईर्ष्या' की नजर रखे हुए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8-10 जुलाई को विदेश दौरे पर जा रहे हैं. इस बीच वह रूस भी जाएंगे. पीएम मोदी के विजिट को लेकर रूस ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि उनके दौरे को पश्चिम 'ईर्ष्या' की नजर से देख रहा है. रूस ने पीएम के दौरे को "बहुत अहम और पूर्ण यात्रा" बताया है. रूस के बाद प्रधानमंत्री 10 जुलाई को ऑस्ट्रिया भी जाएंगे.
भारत-रूस के बीच 22वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को निमंत्रण भेजा था. वह 8-9 जुलाई तक मॉस्को में होंगे. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली रूस यात्रा होगी. विदेश मंत्रालय ने उनके हाई लेवल यात्रा को लेकर कहा कि मुलाकात में दोनों नेता दोनों देशों के बीच संबंधों की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बात करेंगे.
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पीएम मोदी की यात्रा पर पुतिन के प्रेस सेक्रेटरी क्या बोले?
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के प्रेस सेक्रेटरी ने शनिवार को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का कार्यक्रम बड़ा है और दोनों नेता इस बीच अनौपचारिक बातचीत भी कर सकते हैं. उन्होंने पीएम मोदी की यात्रा को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा, "जाहिर है कि व्यापक एजेंडा होगा, अगर इसे बहुत व्यस्त न भी कहा जाए. यह एक आधिकारिक यात्रा होगी और हमें उम्मीद है कि दोनों नेता अनौपचारिक तरीके से भी बातचीत कर सकेंगे."
राष्ट्रपति पुतिन के प्रेस सेक्रेटरी दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर हैं. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं की आपसी और प्रतिनिधिमंडल लेवल की बातचीत भी होंगी. उन्होंने कहा, "हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण और पूर्ण यात्रा की उम्मीद कर रहे हैं, जो रूसी-भारतीय संबंधों के लिए बहुत अहम है."

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