
PM मोदी और जेपी नड्डा से मिले CM योगी, प्रधानमंत्री को महाकुंभ 2025 में आने का दिया न्योता
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की. सीएम योगी पहले प्रधानमंत्री मोदी से मिले फिर उन्होंने नड्डा से मुलाकात की.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की. सीएम योगी पहले प्रधानमंत्री मोदी से मिले फिर उन्होंने नड्डा से मुलाकात की. PM के साथ योगी की एक घंटे से अधिक समय तक बैठक चली. सूत्रों ने बताया कि सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी को महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज आने का न्योता दिया. सूत्रों ने आगे बताया कि योगी और नड्डा ने राज्य में होने वाले आगामी उपचुनावों पर भी चर्चा की.
7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई यह मुलाकात 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली आमने-सामने की चर्चा है. सीएम का यह दौरा 13 नवंबर को होने वाले महत्वपूर्ण उपचुनावों से कुछ दिन पहले हुआ है. कुल नौ विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, जिनमें से पांच सीटें वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास हैं और चार सीटें विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) के पास हैं.
एक घंटे से अधिक समय तक चली यह मुलाकात दिवाली के बाद यूपी के मुख्यमंत्री की शिष्टाचार मुलाकात बताई जा रही है. हालांकि, राज्य की नौ सीटों पर होने वाले उपचुनावों से पहले इसे अहम माना जा रहा है. समाचार एजेंसी एएनआई के एक वीडियो में यूपी के सीएम को दिल्ली स्थित यूपी सदन से निकलते हुए दिखाया गया है.
जिन नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें से 5 पर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए और 4 पर समाजवादी पार्टी (सपा) का कब्जा है. उपचुनाव कटेहरी (अंबेडकरनगर), करहल (मैनपुरी), मिल्कीपुर (अयोध्या), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझवां (मिर्जापुर), सीसामऊ (कानपुर नगर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) में होंगे.
महाकुंभ में 7000 बसें चलाएगी सरकार अगले साल प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारी जोरों पर है. उत्तर प्रदेश राज्य रोडवेज परिवहन निगम, यानी यूपी एस आर टी सी, महाकुंभ में 7000 बसें चलाएगी. इस पहल का उद्देश्य प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं को सहूलियत देना है. 7000 बसों के बेड़े में 200 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल होंगी. इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर और भी बसों को शामिल किया जाएगा.

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