
Pixel 7 से iPhone को ख़तरा, 500 करोड़ फ़ोन का कचरा और WFH का जुर्माना: सबका मालिक Tech, Ep 87
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इस साल 500 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल से बहार हो जायेगे और फ़ोन के इस कचरे के क्या है नुकसान, क्यों अमेरिका की एक कंपनी पर अपने कर्मचारी को अज़ीब वज़ह से नौकरी से निकालने पर 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, Google की Pixel 7 सीरीज़ की खूबियां कमियां और Google की ये सीरीज़ मोबाइल मार्किट में iPhone को कैसे एक मजबूत टक्कर दे सकती है. सुनिए सबका मालिक Tech के इस एपिसोड में मानस तिवारी, आश्री खंडेलवाल और अमन रशीद के साथ.
WEEE फोरम जो इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट की समस्या और उसके निस्तारण से जुड़े कई इनीशियेटिव चलाता है, उसकी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में 5.3 बिलियन यानी 530 करोड़ फोन कचड़ा हो जाएंगे. इन्हें डीऐक्टिव कर दिया जाएगा. इन सारे मोबाइल फोन को अगर एक के ऊपर एक रखा जाए तो करीब इनकी अनुमानित हाईट 50 हजार किलोमीटर होगी अब सवाल ये है कि ऐसा हो क्यों रहा है? फिर ई-वेस्ट बने इन मोबाइल फोन का मैनेजमेंट कैसे होगा? सरकारों को इसमें क्या करना चाहिए?
पिछले दिनों न्यू यॉर्क में 'मेड बाय गूगल' इवेंट में गूगल ने अपने एक नए और अपडेटेड स्मार्टफोन Pixel 7 सीरीज़ की लॉन्चिंग की. इस सीरीज़ में नया क्या है और कैसे गूगल का ये स्मार्ट फोन फीचर्स के मामले में आईफोन को टक्कर दे रहा है? एपल ने अपनी वॉच सीरीज SE को लॉन्च किया है. तो इसकी कमियाँ और फीचर्स क्या हैं? कीमतों के मामले में ये सीरीज कहाँ नजर आ रही है? HP Spectre Laptop India में लॉंच हुई. ये एक कनवर्टिबल लैपटॉप है. तो क्या इसके फीचर्स इसकी कीमत को justify करती है
अमेरिका में एक शहर है फ्लोरिडा. यहाँ की एक फर्म ने अपने एक कर्मचारी को बड़े अजीबोग़रीब तरीके से नौकरी से निकाल दिया। मामला ये था कि चेतू नाम की इस टेलीमार्केटिंग कंपनी ने अपने एक कर्मचारी को घर से काम करते हुए दिन में करीब नौ घंटे कैमरा ऑन रखने को कहा. लेकिन दिक्कत ये थी कि कंपनी ने लैपटॉप में ऐसे प्रोग्रामिंग कर रखी थी कि इसके लिए उसको लैपटॉप की स्क्रीन के साथ-साथ अपने लाइव वीडियो को शेयर करनी थी. जाहिर है कर्मचारी इसमें सहज नहीं था. जब उसने आदेश मानने से इनकार किया तो कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया. कर्मचारी ने दावा किया ये उसकी प्राइवेसी में दखल देने की कोशिश है. कोर्ट में जाने के बाद कोर्ट ने कर्मचारी के दावे को ही सही माना और कंपनी पर जुर्माना लगा दिया. अब आदर्श स्थिति क्या हो वर्क फ्रॉम होम की, कंपनियों और कर्मचारियों दोनों के लिए क्या नियम होने चाहिए, जिससे इस तरह की चीजें ना हों.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






