
Philippines की चीन को खुली चुनौती, अमेरिका के साथ सैन्य अभ्यास पर जोर
Zee News
US-Philippines Military Exercise : ये सैन्य अभ्यास ऐसे समय हो रहा है जब दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में चीन की सक्रियता से काफी तनाव है. चीन लगातार ताइवान (Taiwan) के समुद्री इलाके में घुसपैठ कर रहा है. ताइवान ने इस घुसपैठ को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है.
मनीला: फिलीपींस (Philippines) की सेना अमेरिका (US) के साथ सैन्य अभ्यास (Military Exercise) में हिस्सा ले रही है. देश के सेना प्रमुख ने राजधानी मनीला (Manila) में इस सालाना संयुक्त सैन्य अभ्यास की जानकारी साझा की है. फिलीपींस (एएफपी) के सशस्त्र बलों के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सिरिलिटो सोबजाना ने कहा कि इस साल की ड्रिल में केवल 1,700 सैनिक शामिल होंगे. सेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक ज्वाइंट मिलिट्री ड्रिल में अमेरिका के 700 और दक्षिण पूर्व एशियाई देश के एक हजार सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. सेना प्रमुख ने ये भी कहा, ' इस युद्ध अभ्यास के कुछ हिस्से आभासी होंगे. वहीं प्रोटोकॉल्स को फॉलो करते हुए सीधे संपर्क वाले सेशन भी आयोजित किए जाएंगे.' सोबजाना ने कहा कि एएफपी मुख्यालय (AFP Headquarters) ने इस अभियान के लिए पूरी तैयारी की है. दक्षिण चीन सागर (South China Sea) की वर्तमान स्थितियों और चुनौतियों के बीच इस मिलिट्री ड्रिल को काफी अहम माना जा रहा है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



