
PF और होम लोन ब्याज दर में आंख मिचौली, साल 2010 से अब तक का लेखा-जोखा
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PF Vs Home Loan: साल 2010 में पीएफ पर होम लोन की तुलना में 0.75 फीसदी कम ब्याज मिल रहा था. पहले जहां लोग इस तुलना में घाटा झेल रहे थे, अभी इस मोर्चे पर 1.40 फीसदी का फायदा हो रहा है.
PF Vs Home Loan: होली से ठीक पहले सरकार ने पिछले सप्ताह पीएफ पर ब्याज दर (PF Interest Rate) घटाने का फैसला किया. इसे घटाकर अब 8.10 फीसदी कर दिया गया है, जो 4 दशक में सबसे कम है. इस बात को लेकर सरकार की आलोचना की जा रही है और इसे 4 राज्यों में मिली जीत का पहला रिटर्न गिफ्ट बताकर उपहास किया जा रहा है. दूसरी ओर कुछ लोग तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं कि जब होम लोन समेत अन्य लोन पर कम ब्याज वसूला जा रहा है, तो स्वाभाविक है सेविंग्स पर रिटर्न (Return on Savings) भी कम ही मिलेगा. बहरहाल आइए देखें कि पीएफ (PF) और होम लोन की ब्याज दरें (Home Loan Interest Rate) पिछले 1 दशक के दौरान कैसे ऊपर-नीचे गई हैं. इससे ये भी समझने में मदद मिलेगी कि ओवरऑल पब्लिक के लिए अभी घाटे की स्थिति है, या अभी भी उसे फायदा हो रहा है.
3 दशक पहले 12 फीसदी मिलता था ब्याज
मोदी सरकार (Modi Govt) ने होली से एक सप्ताह पहले पीएफ (PF) पर ब्याज दर को 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी करने का फैसला किया. यह चार दशक से भी ज्यादा समय में पीएफ पर ब्याज दर (Interest Rate On PF) का सबसे निचला स्तर है. इससे पहले पीएफ पर ब्याज की सबसे कम दर 8 फीसदी 1977-78 में थी. एक समय तो ऐसा भी था, जब पीएफ पर 12 फीसदी तक ब्याज मिला करता था. यह करीब 3 दशक पहले 1989-90 की बात है. उसके बाद से ही पीएफ पर ब्याज को कम करने का ट्रेंड शुरू हुआ.
1 दशक में इतना कम हुआ पीएफ का ब्याज
हम बहुत पहले नहीं जाकर पिछले एक दशक का हिसाब देख लेते हैं. इतने से ही काफी चीजें साफ हो जाएंगी और बेहतर समझ बनाने में आसानी होगी. पिछले दशक की शुरुआत यानी साल 2010 में पीएफ पर ब्याज की दर 9.50 फीसदी थी. अगले ही साल यानी 2011-12 में इसे 1.25 फीसदी घटाकर 8.25 फीसदी पर ला दिया गया. जब 2014 में पहली बार मोदी सरकार सत्ता में आई, तब इस ब्याज की दर 8.75 फीसदी थी. 2015-16 में इसे मामूली बढ़ाकर 8.80 फीसदी किया गया. ताजी कटौती से पहले 2019-20 से ईपीएफ ब्याज दर 8.50 फीसदी पर थी, जो अब 8.10 फीसदी पर आ चुकी है.
अभी मिल रहा है इतना सस्ता होम लोन

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