
Pakistan Elections में AI का इस्तेमाल, जेल में Imran फिर भी हुई रैली, दिए भाषण
AajTak
Pakistan Elections 2024: पाकिस्तान में चुनाव से पहले पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई को चुनावी मैदान से बाहर कर दिया गया था. हालांकि पार्टी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी की मदद से अभियान चलाए हैं.
पाकिस्तान में आज आम चुनाव हो रहे हैं. वो भी ऐसे वक्त में जब 2018 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) को चुनाव से बाहर कर दिया गया है. जब देश के पूर्व पीएम इमरान खान जेल में बंद हैं. वो एक साथ कई सजा काट रहे हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें जेल इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने देश के सीक्रेट लीक किए और गैर कानूनी तरीके से देश को मिलने वाले तोहफे बेच दिए. पाकिस्तान की वर्तमान सरकार ने उनके आगे तमाम रोड़े डाल दिए, बावजूद इसके इमरान खान चुनाव अभियान कर रहे हैं.
उनकी पार्टी पीटीआई जेनेरेटिव AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग कर रही है. इनमें खान को जेल की कोठरी से भाषण पढ़ते हुए, समर्थकों से चुनाव के दिन मतदान करने का आग्रह करते हुए दिखाया गया है. पीटीआई ने सोशल मीडिया पर ऑनलाइन रैलियां भी आयोजित की हैं, जिन्हें एक समय में हजारों लोग देख रहे होते हैं. यहां के GeoTV ने यूट्यूब डाटा के हवाले से यह दावा किया है.
अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में शिकागो स्थित पीटीआई के सोशल मीडिया प्रमुख जिब्रान इलियास ने कहा कि इमरान खान पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद वर्चुअल रैलियां ही लोगों तक पहुंचने का एकमात्र तरीका था. 17 दिसंबर, 2023 को पीटीआई ने स्ट्रीमयार्ड नाम के प्लैटफॉर्म का उपयोग करके पाकिस्तान में अपनी पहली वर्चुएल रैली आयोजित की, जो पांच मिलियन दर्शकों तक पहुंची.
यह जानते हुए कि पाकिस्तान के लोग इमरान को सुनना चाहते हैं, पीटीआई ने उनकी ऑडियो क्लिप बनाने के लिए AI का इस्तेमाल किया है. इसे वर्चुएल रैलियों में चलाया जा रहा है.
एक चार मिनट लंबे भाषण में पिछले भाषणों की क्लिप, वीडियो मोंटाज और हाथ से लिखे नोट्स दिखाए गए, जो खान ने जेल से इलियास और उनकी टीम को भेजे थे.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.











