
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में jiu-jitsu का जिक्र किया… आखिर यह क्या है?
AajTak
राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए जिउ-जित्सु मेटाफर का इस्तेमाल किया. आइए समझते हैं कि यह जिउ-जित्सु क्या है और भारतीय राजनीति में इसका इस्तेमाल राहुल गांधी ने क्यों किया.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संसद में दिए अपने भाषण के बाद राहुल गांधी का जिउ-जित्सु वाला उदाहरण सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. कई लोगों ने सवाल किया कि उन्होंने मार्शल आर्ट का जिक्र आखिर क्यों किया. अब राहुल गांधी ने X पर एक वीडियो जारी कर इसकी वजह साफ कर दी है.
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने 'ग्रिप एंड चोक' इसलिए कहा क्योंकि यह शब्द बिल्कुल ठीक उसी स्थिति को दिखाता है जिससे प्रधानमंत्री इस समय गुजर रहे हैं. उन्होंने बताया कि जिउ-जित्सु में विरोधी को कंट्रोल करने के लिए पकड़ और चोक लगाने की तकनीक होती है. राजनीति में भी इसी तरह का दबाव और नियंत्रण होता है, बस यह खुलकर दिखाई नहीं देता.
राहुल का कहना है कि राजनीति में कई बार ऐसे अदृश्य ग्रिप और चोक लगाए जाते हैं जिनका असर बड़ा होता है लेकिन आम लोगों की नजर में नहीं आता.
जिउ-जित्सु का जिक्र कैसे शुरू हुआ
राहुल गांधी ने अपने X पोस्ट और वीडियो में बताया कि लोकसभा में ट्रेड डील पर बोलते समय उन्होंने यह उदाहरण इसलिए दिया क्योंकि इससे राजनीतिक दबाव को सबसे सरल भाषा में समझाया जा सकता है. उनके मुताबिक, इस तरीके से लोग समझ पाते हैं कि असल नियंत्रण कैसे काम करता है.
जिउ-जित्सु क्या होता है

Tata Punch EV Facelift: टाटा मोटर्स ने अपनी सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक एसयूवी पंच ईवी के नए फेसलिफ्ट मॉडल को लॉन्च किया है. इस इलेक्ट्रिक कार को लेकर कंपनी का दावा है कि, ये कार सिंगल चार्ज में 468 किमी तक की ड्राइविंग रेंज देगी और डीसी फास्ट चार्जर की मदद से इसकी बैटरी केवल 26 मिनट में ही 80% तक चार्ज हो जाएगी.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.











