
Newyork में ट्रकों में स्टोर हैं Covid-19 मरीजों के 750 शव, एक साल से कर रहे दफन होने का इंतजार
Zee News
कोविड-19 मरीजों के शवों को दफन करने से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर न्यूयॉर्क से आई है. यहां एक साल से 750 शव दफन होने के इंतजार में ट्रकों में रखे हुए हैं.
न्यूयॉर्क: दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार से जुड़ी कई दुखद खबरें आ रही हैं. कहीं मृतक को दो गज जमीन नहीं मिली तो कहीं चिताएं सड़क पर जलानी पड़ीं, तो कहीं अपनों ने ही अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. अमेरिका से भी कोविड-19 मरीजों (Covid-19 Patients) के शवों को लेकर एक चौंकाने वाली खबर आई है. यहां कई मरीजों के शव (Dead body) 1 साल से फ्रीजर ट्रकों में रखे हुए हैं और दफन किए जाने का इंतजार कर रहे हैं. पिछले साल अमेरिका में जब कोरोना वायरस पीक पर था तब यह खबर सामने आई थी कि न्यूयॉर्क (New York) में लोगों की बेतहाशा मौत के बाद प्रशासन को कोविड मरीजों के शवों को फ्रीजर ट्रक में रखना पड़ा था. स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक इन शवों को ट्रकों में रखे हुए एक साल हो गया है और इन्हें अब तक दफन नहीं किया गया है. द सिटी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन ने स्वीकार किया है कि करीब 750 शवों को दफन करना बाकी है. अब इन शवों को दफन करने का काम शुरू किया जा रहा है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



