
NDA या 'INDIA'... किधर जाएंगी मायावती? जानें गठबंधन को लेकर बदले रुख के मायने
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बसपा प्रमुख मायावती के रुख में बदलाव आया है. गठबंधन को लेकर मायावती ने कहा है कि चार राज्यों के चुनाव के बाद पार्टी सरकार में शामिल होने पर विचार करेगी. गठबंधन को लेकर मायावती के रुख में आए बदलाव के मायने क्या हैं?
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने एक हफ्ते पहले गठबंधन की संभावनाओं को साफ नकार दिया था. मायावती ने कहा था कि बसपा न तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होगी और ना ही विपक्षी इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A.) में. मायावती का रुख अब बदल गया है. मायावती ने गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है.
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मायावती ने कहा है कि मजबूत और अहंकारी सरकार की बजाय सत्ता में ऐसी सरकार हो जो लोगों के कल्याण के लिए काम करने को बाध्य हो. बसपा ने कई राज्यों में सत्ता संतुलन स्थापित कर दलित समुदाय का राजनीतिक सम्मान बढ़ाने का काम किया है. चार राज्यों के चुनाव के बाद बसपा जरूरत पड़ने पर गठबंधन को लेकर विचार करेगी जिससे दलित-मुस्लिम का उत्थान सुनिश्चित किया जा सके.
मायावती के बयान के मायने क्या हैं?
मायावती ने पहले कहा था कि हम किसी गठबंधन में शामिल नहीं होंगे. मायावती ने एनडीए के साथ दूरी बनाए रखी तो वहीं विपक्षी एकजुटता की पूरी कवायद से भी. मायावती के रुख में बदलाव आया है और उन्होंने चुनाव बाद गठबंधन के संकेत दिए हैं तो इसके भी अपने मायने हैं. जिन चार राज्यों में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें से तीन में बीजेपी और कांग्रेस मुख्य प्रतिद्वंदी है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधे मुकाबले का इतिहास रहा है.
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