
NASA जाएगी भारत के युवा साइंटिस्ट की टीम, चौथी बार बुलाया, Moon Mission की है तैयारी!
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भारत के युवा साइंटिस्ट गोपाल जी की टीम द्वारा तैयार किए गए ह्यूमन रोवर का अगर चयन हुआ तो उन्हें नासा के मून मिशन के लिए काम करने का मौका दिया जाएगा. विश्व भर से 30 टीमों का चयन हुआ है इसमें गोपाल जी की संस्था यंग माइंड एंड रिसर्च डेवलेपमेंट भारत की ओर से सेलेक्ट होने वाली इकलौती एनजीओ है.
भारत के सबसे युवा वैज्ञानिक नवगछिया के लाल कहे जाने वाले गोपाल जी तीन बार अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA (नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) का बुलाया ठुकराने के बाद, चौथी बार वहां जाने की तैयारी कर रहे हैं. 22 वर्षीय युवा वैज्ञानिक गोपाल जी इस बार अपनी टीम के साथ चंद्रमा पर उतरने वाला ह्यूमन रोवर के प्रेजेंटेशन के लिए नासा जा रहे हैं. इस प्रजेंटेशन में पहुंचने के लिए उन्होंने दुनिया की हजारों टीमों को पीछे छोड़ा है और नासा के इस साइंस ओलंपिक में चयनित 30 टीमें में जगह बनाई है.
तैयार किया चंद्रमा पर उतरने वाला ह्यूमन रोवर दरअसल, नासा द्वारा 19 और 20 अप्रैल को आयोजित ह्यूमन एक्सपलोरेन्स रोवर चैलेंज कार्यक्रम के लिए नवगछिया के लाल देश के युवा वैज्ञानिक गोपाल जी के संस्था व उनकी टीम का चयन हुआ है. वैज्ञानिक गोपाल जी की टीम नासा जाएगी. विश्व भर से 30 टीमों का चयन हुआ है इसमें गोपाल जी की संस्था यंग माइंड एंड रिसर्च डेवलेपमेंट भारत की ओर से सेलेक्ट होने वाली इकलौती एनजीओ है, जो इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रही है. गोपाल जी व उनकी टीम ने चंद्रमा पर उतरने वाला ह्यूमन रोवर तैयार कर लिया है जिसका नासा में प्रजेंटेशन दिया जाएगा. यह रोवर 10 लाख की लागत से तैयार किया गया है.
क्या है ह्यूमन रोवर? गोपाल जी ने बताया कि अभी हाल के दिनों में इसरो ने चंद्रमा पर अपना चंद्रयान भेजा जिसमे सफल लेंडिन हुई. वहां आप लोगों ने एक रोवर का नाम सुने होंगे कि रोवर निकला और वो डाटा भेज रहा है. उसी तरह से नासा चंद्रमा पर इंसान को भेजने वाला है. इंसान जिस यंत्र पर बैठ कर चंद्रमा पर उतरेगा उसे हम रोवर कहते हैं, वही रोवर हम और हमारी टीम ने बनाया है, जिसे वहां पर इनोवेशन के प्रजेंट किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर हम जीतते हैं तो यह इंडिया के पहली बार होगा क्योंकि आज तक इंडिया जीता नहीं है, लेकिन इस साल हम पूरी कोशिश करेंगे. हम इस बार देश को जरूर गोल्ड मेडल दिलाएंगे. इस कॉम्पिटिशन का सिम्पल सा मतलब है.
देशभर से हाईस्कूल लेवल के 13 बच्चे टीम में शामिल विश्व मे उच्च विद्यालय के स्तर से 30 टीमों का चयन हुआ है, इसमे से एक टीम गोपाल जी की रहेगी. टीम में बिहार से 22 वर्षीय गोपाल जी मेंटर रहेंगे, इसके साथ साथ 13 लोग शामिल है. इनमे बिहार के चार बच्चे तानिष्क उपमन्यु, कारुण्य उपमन्यु, सूर्यनारायण रजक शामिल है. नई दिल्ली से आसना मिनोचा, कियान कनोडिया, उड़ीसा से आरुषि पैकरे, हरियाणा के लोकेश, आर्य और अरुण, राजस्थान की ऐश्वर्या महाजन, उत्तरप्रदेश से ओम , पल्लवी, समीर यासीन, उत्कर्ष और रोहित, आंध्रप्रदेश से पठान सुलेमान, यूएसए से सुनैना साहू शामिल होंगे. ये टीम एम3एम फाउंडेशन के सपोर्ट से नासा जाएगी.
मिल सकता है नासा के मून मिशन पर काम करने मौका गोपाल जी की टीम द्वारा तैयार किए गए रोवर का अगर चयन हुआ तो उसे नासा के मून मिशन के लिए काम करने का मौका दिया जाएगा. इसके साथ ही गोल्ड मेडल भी मिलेगा. गोपाल जी ने बताया कि नासा ह्यूमन एक्सप्लोरेन्स रोवर चैलेंज कार्यक्रम कराएगी. यह एक तरह से साइंस ओलंपिक है. हाईस्कूल लेवल पर दुनिया भर से 30 टीम का चयन हुआ है उसमें से एक टीम हमारी है जो इस साल रोवर बनाकर नासा जाएगी. एक महीने की मेहनत और दस लाख की लागत से यह रोवर तैयार हुआ है. हमारी प्रोजेक्ट को एम 3 एम फाउंडेशन सपोर्ट कर रही है. अप्रेल में हमारी टीम नासा जाएंगे, वहां रोवर प्रेजेंट करेंगे. अगर नासा को यह पसंद आया तो हमें गोल्ड मेडल मिलेगा इसके साथ ही हम नासा के साथ काम करेंगे.
नासा दे चुका है 3 ऑफर, डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी कर चुके हैं सराहाना गोपाल जी भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत ध्रुवगंज गांव के रहने वाले हैं. इन्होंने 13 साल की उम्र में केले के थंब से बिजली उत्पन्न कर सबको हैरान किया था. इसके बाद केले पर कई तरह के काम किये जिससे इन्हें बनाना बॉय के नाम से भी जाना जाता है. गोपाल जी की तारीफ डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है. नासा से इन्हें 3 बार पहले भी ऑफर मिला था, जिसे उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि उन्हें भारत में रहकर देश के लिए काम करना है.

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