
MP: भोपाल नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालयों के इस्तेमाल का बढ़ाया चार्ज, कांग्रेस विरोध में उतरी
AajTak
Public Toilet Fee Hiked Controversy: भोपाल में नगर निगम के एक फैसले ने आम जनता को परेशान कर दिया है. अब सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल करने के लिए भोपाल की गरीब जनता को जेब ढीली करनी होगी. सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करने वाली गरीब जनता के साथ कांग्रेस ने भी बढ़ी हुई कीमतों का विरोध जताया है
MP अजब है, सबसे गजब है... ये बात तब सही साबित होती है, जब गरीब जनता के इस्तेमाल में आने वाले सार्वजनिक शौचालय में भोपाल नगर निगम ने शुल्क को 6 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए कर दिया है. नगर निगम के इस फैसले ने गरीबों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि शौच के लिए अब 10 रुपए देने पड़ रहे हैं. ये फैसला गरीबों पर भारी पड़ रहा है. सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करने वाले लोग बढ़ी हुई कीमतों पर बहस भी कर रहे हैं.
राकेश 6 नंबर स्टॉप के पास सफाई का काम करता है और रोज सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करता है, लेकिन शुक्रवार को जब उससे 10 रुपए देने मांगे तो उसकी शौचालय कर्मचारी से बहस हो गई. राकेश ने बताया कि इसका इस्तेमाल सिर्फ गरीब लोग ही करते हैं, ऐसे में गरीबों के लिए इसको महंगा करना गलत है.
वहीं, पास के रेस्टोरेंट में काम करने वाले लोकेश ने बताया कि वो रोज सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करता है, लेकिन पहले जहां 5 रुपए लिए जाते थे, वहां आज 10 रुपए लिए गए, जो उसके जैसे गरीब लोगों की जेब पर भारी पड़ेंगे,क्योंकि रेस्टोरेंट में काम करके इतने पैसे नहीं मिलते कि महीने के 300-400 रुपए शौचालय में खर्च हो जाएं.
हालांकि, नगर निगम किशन सूर्यवंशी का कहना है कि साफ-सफाई का सामान और कर्मचारियों की सैलरी भी बढ़ी है, इसलिए शौचालय का शुल्क बढ़ाया गया है. वैसे भी लंबे समय से यह शुल्क 6 रुपए था इसलिए शुल्क बढ़ाना ज़रूरी था. हम राजधानी की जनता को साफ सुथरी और बेहतर व्यवस्थाएं देना चाहते हैं.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







