
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के दिन गलती से भी ना करें ये काम, पूरे साल किस्मत नहीं देगी साथ
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Makar Sankranti 2026: यह दिन सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक माना जाता है, जिसे शुभता, ऊर्जा और सकारात्मक परिवर्तन का समय कहा गया है. शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति पर किए गए उपाय पूरे वर्ष सुख, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकते हैं.
Makar Sankranti 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य की गति में बड़ा परिवर्तन आ जाता है. इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की शुरुआत होती है. यही कारण है कि इस पर्व को आध्यात्मिक, ज्योतिषीय और वास्तु की दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली माना गया है. मान्यता है कि इस दिन की गई छोटी-सी भूल भी पूरे वर्ष असर डाल सकती है. शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं, जिन्हें मकर संक्रांति के दिन करने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं वे पांच महत्वपूर्ण नियम.
1. दक्षिण दिशा की यात्रा से बचें
मकर संक्रांति के दिन दक्षिण दिशा की ओर जाना शुभ नहीं माना जाता. सूर्य इस समय उत्तरायण होते हैं और दक्षिण की ओर जाना सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा के विपरीत माना जाता है. ऐसी यात्रा से आर्थिक नुकसान, कार्य में रुकावट या अनचाही परेशानी हो सकती है. यदि मजबूरी में यात्रा करनी पड़े तो पहले सूर्य को जल अर्पित करें और “ॐ सूर्याय नमः” का जप करें. वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिन उत्तर या पूर्व दिशा में जाना ज्यादा लाभकारी होता है.
2. काले तिल का दान न करें
संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व है, लेकिन काले तिल का दान इस दिन वर्जित माना गया है. काले तिल शनि ग्रह से जुड़े होते हैं, जबकि मकर संक्रांति पर सूर्य का प्रभाव सबसे अधिक रहता है. ऐसे में काले तिल का दान करने से सूर्य और शनि के बीच असंतुलन बढ़ सकता है, जिससे धन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं. इसके स्थान पर सफेद तिल, गुड़, चीनी या खिचड़ी का दान करना शुभ फल देता है.
3. तामसिक भोजन का त्याग करें

यूपी में सरकारी नौकरी का सपना देखना है तो खुद में बहुत सहनशीलता पैदा करनी होगी क्योंकि सिस्टम पर विश्वास तो बन नहीं पा रहा. एग्जाम देकर लंबा इंतजार करना फिर अगर परीक्षा कैंसिल होती है तो दिल में पत्थर रखकर री-एग्जाम, रिजल्ट और जॉइनिंग तक इंतजार करना. सरकार लगातार कह रही है लेकिन परीक्षाएं आयोजित कराने वाली संस्थाएं अब तक एक ऐसा पारदर्शी और स्वच्छ सिस्टम तैयार नहीं कर पाईं.












