
Maharashtra : मराठा आरक्षण एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पर FIR, विरोध प्रदर्शन को लेकर हुई कार्रवाई
AajTak
मराठा आरक्षण ( Maratha reservation) एक्टिविस्ट मनोज जरांगे के खिलाफ दो अलग-अलग जगह मामला दर्ज किया गया है. बता दें कि सोमवार को मनोज ने 17 दिनों से चल रही भूख हड़ताल को वापस ले लिया है और वह अपनी मांगों को लेकर मुंबई यात्रा करने वाले हैं. इससे पहले ही महाराष्ट्र के बीड जिले में दो जगहों पर बिना अनुमति धरना प्रदर्शन और रोड जाम करने को लेकर मनोज जरांगे सहित 80 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.
मुंबई में मराठा आरक्षण एक्टविस्ट (Maratha reservation activist) मनोज जरांगे पर पुलिस ने दो मामलों में आरोपी बनाया है. दरअसल, महाराष्ट्र (Maharashtra) के बीड जिले में बिना अनुमति उनके समर्थकों द्वारा दो अलग-अलग जगहों पर धरना प्रदर्शन और सड़क जाम करने को लेकर मनोज जरांगे पर दो मामला दर्ज किया गया है. जबकि, दोनों ही जगह मनोज जरांगे उपस्थित नहीं थे. इसके बावजूद उन पर मामला दर्ज किया गया. अधिकारियों का कहना है कि मनोज की अपील पर उनके समर्थक प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे थे.
एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार करीब 80 लोगों पर गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होने, लोक सेवक द्वारा कानूनी रूप से आदेश और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के सेक्शन 135 की अवहेलना का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया है. शनिवार को बीड जिले के शिरुर गांव में जतनादुर फाटा में विरोध प्रदर्शन और पटोदा में बीड-अहमदनगर रोड को जाम कर दिया गया था.यह जमकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की थी. एजेंसी के अनुसार पुलिस अधिकारी का कहना है कि जरांगे के समर्थकों ने अधिकारियों से आवश्यक अनुमति के बिना और बीड जिला कलेक्टर की ओर से जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया था.
मनोज जरांगे की अपील पर हुआ था सड़क जाम पुलिस अधिकारी का कहना है कि ये सारे विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और सड़क जाम सिर्फ और सिर्फ जरांगे की ओर से की गई अपील के कारण की गई थी. यही कारण है कि मनोज जरांगे का नाम भी अन्य आरोपियों के साथ जोड़ा गया है. जरांगे कुनबी मराठों को महाराष्ट्र सरकार की ओर से प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर अधिसूचना जारी करने की मांग कर रहे हैं. कुनबी एक कृषक कम्युनिटी है जो ओबीसी कटैगरी के अंदर ही आती है. जरांगे ने वापस ली भूख हड़ताल जारांगे कुनबी मराठों के रक्त संबंधियों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने और ओबीसी के तहत मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग करते रहे हैं. जरांगे ने रविवार को ऐलान किया था कि वह अपनी मांगों पर जोर डालने के लिए मुंबई तक यात्रा करेंगे. जैसा कि उन्होंने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडनवीस पर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को लागू करने से रोके रखने का आरोप लगाया है. साथ ही जरांगे ने 17 दिनों बाद सोमवार को अपनी भूख हड़ताल वापस ले ली.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को जाति के आधार पर अपमानित करने की स्पष्ट मंशा होनी चाहिए। पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर और आरोप पत्र में जाति-आधारित अपमान के अभाव को रेखांकित किया। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि केवल अपशब्दों का प्रयोग अपराध नहीं बनता।

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नबीन को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. सोमवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंच पर उन्हें निर्वाचन पत्र सौंपा गया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद थे. पीएम मोदी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा कि वे उनके बॉस हैं और अब वे सभी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. देखें PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें.








