
'युद्ध अमेरिका ने शुरू किया, अब तभी रुकेगा...', ईरान ने बताया कब और कैसे खत्म होगी जंग
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ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अली लारीजानी के जाने से ईरान की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने इस युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी सख्त रुख दिखाते हुए उन्होंने इस जलमार्ग से अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगियों की जहाजें नहीं गुजरने देने की बात कही.
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ अली लारिजानी की इजरायली हवाई हमले में मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि किसी एक नेता के जाने से ईरान की राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक संरचना पर कोई असर नहीं पड़ेगा और देश अपनी नीतियों व रणनीतियों के साथ आगे बढ़ता रहेगा.
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इस पूरे संघर्ष के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वाशिंगटन को इसके मानवीय और आर्थिक नुकसान की जवाबदेही लेनी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा युद्ध तभी समाप्त हो सकता है जब ईरान को हुए नुकसान की भरपाई की जाए और उसकी संप्रभुता का सम्मान किया जाए. अल जजीरा (Al Jazeera) के साथ बातचीत में अराघची ने कहा कि ईरान अपने हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा.
उन्होंने लारिजानी की मौत को 'बलिदान' बताते हुए कहा कि यह घटना ईरान की नीतियों को कमजोर नहीं बल्कि और अधिक मजबूत करेगी. लारिजानी, जो ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख थे, तेहरान के पास उनकी बेटी के घर पर हुए इजरायली हवाई हमले में मारे गए. इस हमले में उनके बेटे मोर्तजा लारिजानी की भी मौत हो गई. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि इतने बड़े नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद भी देश की शासन व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा.
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व्यवस्था व्यक्ति से बड़ी होती है: अराघची
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, 'व्यवस्था व्यक्ति से बड़ी होती है और ईरान इसी सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है. वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में भी देश अपनी नीतियों को जारी रखेगा.' ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बात करते हुए अराघची ने दोहराया कि देश का रुख पहले जैसा ही है. उन्होंने कहा कि परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर ईरान पर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक हैं और पश्चिमी देशों द्वारा दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में जारी एक धार्मिक फतवे के तहत अयातुल्ला अली खामेनेई ने परमाणु हथियारों के निर्माण का विरोध किया था.

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अली लारीजानी के जाने से ईरान की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने इस युद्ध के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी सख्त रुख दिखाते हुए उन्होंने इस जलमार्ग से अमेरिका, इजरायल और उसके सहयोगियों की जहाजें नहीं गुजरने देने की बात कही.

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