
Mahakaleshwar Bhasma Aarti: श्मशान की राख नहीं, इन 5 चीजों से बनी भस्म से होती है महाकाल की दिव्य आरती
AajTak
Mahakaleshwar Bhasma Aarti: महाकालेश्वर मंदिर महादेव के 12 इन ज्योतिर्लिंगों में से एक है. मंदिर अपनी भस्म आरती के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है. इस आरती में भगवान की मूर्ति पर पवित्र भस्म लगाई जाती है. इस मंदिर में भस्म आरती आज से नहीं बल्कि प्राचीन काल से की जा रही है.
Mahakaleshwar Bhasma Aarti: मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर महादेव के 12 इन ज्योतिर्लिंगों में से एक है. भक्तों का मानना है कि महाकाल के दर्शन से आध्यात्मिक शुद्धि होती है. वहीं, महाकालेश्वर मंदिर अपनी भस्म आरती के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है. इस आरती में भगवान की मूर्ति पर पवित्र भस्म लगाई जाती है. इस मंदिर में भस्म आरती आज से नहीं बल्कि प्राचीन काल से की जा रही है.
भस्म आरती इस मंदिर में होने वाली एक खास तरह की पूजा है, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बहुत आकर्षित करती है. लोग दूर-दूर से इस भस्म आरती को देखने और इसमें हिस्सा लेने के लिए आते हैं. भक्तों की महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती को लेकर ऐसी भी मान्यता है कि महाकाल बाबा का श्रृंगार या आरती श्मशान से आने वाली भस्म से होती है. लेकिन इस बात में कितना सच है, चलिए जानते हैं.
धार्मिक मामलों के जानकार भावेश भीमानथानी के अनुसार, 'महाकालेश्वर मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां आप समय से परे चले जाएंगे. जब आप यहां जाएंगे तो आपको ऐसा लगेगा कि आप बस इस जगह की धुन पर नाच रहे हैं. खास बात ये है कि महादेव के सिर्फ इसी ज्योतिर्लिंग में भस्म आरती होती है, जो श्मशान की राख द्वारा बनाई जाती थी. लेकिन, अब महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल के श्रृंगार की भस्म चंदन और गाय के गोबर द्वारा तैयार की जाती है.'
कुछ किंवदंतियों के अनुसार ऐसी भी मान्यता है कि बहुत साल पहले महाकालेश्वर मंदिर की आरती में जो भस्म इस्तेमाल होती थी, वह श्मशान घाट से लाई जाती थी. लेकिन अब मंदिर के पुजारी भी इस बात को खारिज करते हैं कि मंदिर की आरती में प्रयोग की जाने वाली भस्म श्मशान घाट से नहीं लाई जाती है. बल्कि महाकाल पर चढ़ने वाली पवित्र भस्म कपिला गाय के गोबर से बने कंडों, शमी, पीपल, पलाश, बड़, अमलताश और बेर के वृक्ष की लकड़ियों को एक साथ जलाकर तैयार की जाती है.
भस्म आरती की प्रक्रिया करीब दो घंटे चलती है. इस दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण होता है जो आरती को और भी अधिक पावन बनाते हैं. साथ ही, भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल की उपासना के साथ उनका श्रृंगार भी किया जाता है.
महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती में पहुंची हैं ये प्रसिद्ध हस्तियां

Aaj 18 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 18 मार्च 2026, दिन- बुधवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी तिथि सुबह 08.25 बजे तक फिर अमावस्या, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में रात 23.36 बजे तक फिर मीन में, सूर्य- मीन में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.30 बजे से दोपहर 15.18 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.29 बजे से दोपहर 14 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

Chaitra Navratri 2026: देवी का पालकी में बैठकर आना क्या अशुभ संकेत है? जानें क्या कहता है देवी पुराण
इस साल चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रहेंगे. मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा वार के हिसाब से वाहन चुनकर आती हैं. इस बार मां का आगमन डोली या पालकी में हो रहा है. आइए जानते हैं कि मां दुर्गा के इस वाहन को लेकर देवी पुराण क्या कहता है.

सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने पर छात्रों को राहत देते हुए मई 2026 में दोबारा परीक्षा का नया शेड्यूल जारी किया है. छात्र तीन विषयों में सुधार कर सकते हैं और कंपार्टमेंट वाले भी परीक्षा दे सकेंगे. फॉर्म भरने की प्रक्रिया तीन चरणों में होगी, जिसमें लेट फीस का भी प्रावधान है परीक्षा के लिए फीस भारत में ₹320 प्रति विषय निर्धारित की गई है.










