
Karwa Chauth 2023: दिल्ली-मुंबई-भोपाल, जानें आपके शहर में कितने बजे निकलेगा करवा चौथ का चांद
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करवा चौथ के दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपवास करती हैं. करवा चौथ के दिन विधिवत पूजा के बाद महिलाएं रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती हैं. आइए जानते हैं कि इस करवा चौथ पर आपके शहर में चंद्रोदय का समय क्या रहेगा.
Karwa Chauth 2023: कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का व्रत रखा जाता है. इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपवास करती हैं. करवा चौथ के दिन विधिवत पूजा के बाद महिलाएं रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती हैं. इस साल करवा चौथ का व्रत बुधवार, 1 नवंबर को रखा जाएगा. आइए जानते हैं कि इस दिन भारत में चांद निकलने का समय क्या रहेगा.
करवा चौथ शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth 2023 Shubh Muhurat) हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ की तिथि मंगलवार, 31 अक्टूबर को रात 9 बजकर 30 मिनट से लेकर बुधवार, 1 नवंबर को रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के चलते करवा चौथ का उपवास 1 नवंबर को ही रखा जाएगा. इस दिन करवा चौथ की पूजा का मुहूर्त शाम 5 बजकर 36 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.
करवा चौथ की पूजन विधि (Karwa Chauth 2023 Pujan vidhi) करवा चौथ व्रत के दिन स्नान करके महिलाएं स्वच्छ गुलाबी वस्त्र धारण करें और निर्जला व्रत का संकल्प लें. अपने घर की उत्तर या पूर्व दिशा में एक पटरे पर सवा मीटर लाल वस्त्र बिछाएं और गौरी गणेश को विधि पूर्वक स्थापित करें. उनकी रोली, चावल, धूप और दीप से पूजा अर्चना करें. विशेष तौर पर देवी गौरी को श्रृंगार सामग्री जरूर अर्पण करें और उनके चरण छूकर आशीर्वाद लें. फिर एक करवे और ढक्कन में मिठाई रखें और उसके सामने एक जल का पात्र रखें.
इसके बाद करवा चौथ की विधिवत पूजा आरंभ करें. करवा चौथ की कथा सुनें. अपने पति की लंबी आयु की कामना और अपने दाम्पत्य जीवन को सुखद करने की प्रार्थना करें. फिर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति के चरण स्पर्श करें और उनके हाथ से जल पीकर व्रत खोलें.
करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय (Karwa Chauth 2023 Moon rise time in India)
करवा चौथ व्रत के नियम और सावधानियां (Karwa Chauth 2023 Vrat Niyam) करवा चौथ का व्रत केवल सुहागिनें या जिनका रिश्ता तय हो गया है, केवल वही महिलाएं रख सकती हैं. यह व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है. व्रत निर्जला या विशेष परिस्थितियों में केवल जल के साथ रखा जा सकता है. व्रत रखने वाली कोई भी महिला काला या सफेद वस्त्र न पहनें. इसमें लाल या पीला वस्त्र पहना जा सकता है. इस दिन पूर्ण श्रृंगार करना चाहिए.

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