
JNU में पुलिस-छात्रों में टकराव, 26 तारीख को लॉन्ग मार्च में भिड़ंत के बाद 14 गिरफ्तार; AISA ने लगाए गंभीर आरोप
ABP News
JNU Student Protest: 26 फरवरी 2026 को जेएनयू छात्रों ने वीसी के जातिवादी बयानों और यूजीसी के नियमों के विरोध में मार्च किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका, जिससे झड़प हुई.
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में 26 फरवरी 2026 को छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय की ओर 'लॉन्ग मार्च' निकालने की कोशिश की. यह मार्च मुख्य रूप से वाइस चांसलर संतिश्री धुलिपुडी पंडित के कथित जातिवादी बयानों के खिलाफ था, जिन्होंने हाल ही में एक पॉडकास्ट में UGC की इक्विटी रेगुलेशंस को लेकर 'परमानेंट विक्टिमहुड' वाली बात कही, जिसे छात्रों ने दलितों और पिछड़ों के खिलाफ अपमानजनक माना.
साथ ही, छात्र UGC की इक्विटी (एंटी-डिस्क्रिमिनेशन) रेगुलेशंस लागू करने, प्रस्तावित 'रोहित वेमुला एक्ट' बनाने और VC के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. मार्च को रोकने के लिए मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात था, जहां कई लेयर की बैरिकेडिंग लगाई गई थी. छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, महिला छात्राओं को घसीटा और बर्बरता की.
पुलिस ने दी जानकारी- प्रदर्शनकारियों ने किया था हमला
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, लाठियां और जूते फेंके, अधिकारियों पर हमला किया और कुछ पुलिसकर्मियों को काटा भी. इस टकराव में दोनों पक्षों को चोटें आईं—पुलिस के मुताबिक उनके कई जवान घायल हुए, जबकि छात्रों ने भी कई लोगों के घायल होने की बात कही.













