
J-K: 26 जनवरी से पहले जम्मू में किरायेदारों की पहचान, 40 मकान मालिकों के खिलाफ FIR
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जम्मू में पुलिस किरायेदारों की पहचान सत्यापित करने के लिए विभिन्न इलाकों का औचक दौरा कर रही है. जम्मू के जिला मजिस्ट्रेट अवनी लवासा द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि मकान मालिक आदेश जारी होने के तीन दिनों के भीतर विवरण प्रस्तुत करेंगे. इसके साथ ही किरायेदारों का विवरण नहीं देने वाले 40 मकान मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू में पुलिस ने 8500 किरायेदारों की पहचान सत्यापित की और 40 मकान मालिकों के खिलाफ किरायेदारों का विवरण दे पाने में विफल पहने पर एफआईआर दर्ज की है. पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से पहले प्रशासन ने मकान मालिकों को अपने किरायेदारों और घरेलू सहायकों का विवरण संबंधित पुलिस स्टेशनों में जमा करने का निर्देश दिया था.
अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू के रिहायशी इलाकों में किरायेदारों और घरेलू सहायकों के वेश में देश विरोधी तत्वों के रहने की कई घटनाएं सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया. जम्मू के एसएसपी चंदन कोहली ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सत्यापन शुरू हो गया है. जम्मू में पिछले पांच दिनों के दौरान 8,500 किरायेदारों का सत्यापन किया गया है. उन्होंने कहा कि 40 मकान मालिकों के खिलाफ उनके किरायेदारों का विवरण उनके संबंधित थानों में जमा करने में विफल रहने पर एफआईआर दर्ज की गई है.
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस किरायेदारों की पहचान सत्यापित करने के लिए विभिन्न इलाकों का औचक दौरा कर रही है. जम्मू के जिला मजिस्ट्रेट अवनी लवासा द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि मकान मालिक आदेश जारी होने के तीन दिनों के भीतर विवरण प्रस्तुत करेंगे. आदेश में कहा गया है कि इस आदेश के जारी होने के बाद, सभी मालिक तीन दिनों के भीतर किरायेदारों के विस्तृत विवरणों को मालिक और किरायेदार दोनों के हस्ताक्षर वाले घोषणा पत्र के अनुसार संबंधित पुलिस स्टेशन में प्रस्तुत करेंगे.
राष्ट्र विरोधी तत्वों के छिपने की आशंका को लेकर जांच
आदेश में कहा गया है कि यह कदम जम्मू में राष्ट्र विरोधी और असामाजिक तत्वों ने किरायेदारों और घरेलू सहायकों की आड़ में आवासीय क्षेत्रों में छिपने की मांग की थी. एसएसपी की ओर से डीएम के संज्ञान में इस बात को लाए जाने के बाद सत्यापन शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि किरायेदारों और घरेलू नौकरों को अपना परिसर किराए पर देने और उपलब्ध कराने से पहले संपत्ति के मालिकों को जवाबदेह बनाने के लिए कुछ उपाय किए जाएं.
खतरे को देखते हुए दिया गया आदेश

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