
Israel-Hamas War: जंग का नया हथियार, मिसाइल, ड्रोन की तरह ही खतरनाक रूप ले चुका 'क्रिप्टोकरेंसी'
AajTak
How Cryptocurrency Used in Israel-Hamas War: हमास के हमले के बाद इजरायल ने युद्ध की घोषणा कर दी है. शनिवार को शुरू हुई ये जंग लगातार भयानक रूप लेती जा रही है. इस जंग में क्रिप्टोकरेंसी का नाम भी आ रहा है. नाम इसलिए क्योंकि इनका इस्तेमाल आतंकी संगठनों द्वारा कई तरह से किया जा रहा है. आइए जानते हैं कैसे क्रिप्टोकरेंसी युद्ध में बन रहा हथियार.
Israel-Hamas War: इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग सिर्फ गोले-बारूद से ही नहीं लड़ी जा रही है. बल्कि इसमें मोबाइल फोन कैमरा और इंटरनेट का भी खूब इस्तेमाल किया जा रहा है. इनका इस्तेमाल दुनियाभर में इस युद्ध के वीडियो को फैलाने के लिए हो रहा है. हमास इस युद्ध में रॉकेट, ड्रोन और पैराग्लाइडर्स जैसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है.
इन सब के बीच एक सवाल कई बार आता है कि इस तरह के समूहों के पास पैसे कहां से आते हैं. दुनियाभर में कई संगठन इन समूहों की मदद करते हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में इन लोगों तक वित्तीय मदद डिजिटल रूप में पहुंच रही है. हम बात कर रहे हैं क्रिप्टोकरेंसी की, जो एक डिसेंट्रलाइज्ड करेंसी है.
डिसेंट्रलाइज्ड करेंसी की मॉनिटरिंग हमेशा से ग्लोबल फाइनेंस सिस्टम के लिए चुनौती रही है. यही वजह है कि कई देश इसे मान्यता नहीं दे रहे हैं. ब्लैक मार्केट में कई बार क्रिप्टो के इस्तेमाल की जानकारी मिलती रही है, लेकिन इसका इस्तेमाल आतंकी समूहों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए भी किया जाता है.
अगस्त 2020 में अमेरिकी सरकार ने लाखों डॉलर्स की क्रिप्टोकरेंसी को आतंकी संगठनों से सीज किया था. ये आतंकी संगठन पैसे इकट्ठा करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे थे.
ये भी पढ़ें- Israel-Hamas War का टेक कंपनियों पर क्या हो रहा असर? दुनिया की सबसे बड़ी चिप मेकर कंपनी ने रद्द किया समिट
Elliptic का कहना है कि जून 2021 से अगस्त 2023 के बीच फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद नाम के एक आतंकी संगठन ने लगभग 9.3 करोड़ डॉलर क्रिप्टोकरेंसी के रूप में इकट्ठा किए हैं. इस संगठन ने ही इजरायल में आम लोगों को होस्टेज बनाया है. हमास ने खुद 4.1 करोड़ डॉलर डिजिटल पेमेंट की मदद से इकट्ठा किए हैं.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










