
INDIA ब्लॉक में शामिल CPI ने केरल में कांग्रेस को दी बड़ी चुनौती, राहुल गांधी और शशि थरूर के खिलाफ उतारे उम्मीदवार
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सीपीआई राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है, फिर भी उसने केरल में उन दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं, जहां से कांग्रेस के दो बड़े नेता वर्तमान में सांसद हैं. अगर राहुल गांधी वायनाड से लड़ते हैं तो उन्हें सीपीआई महासचिव डी राजा की पत्नी एनी राजा से चुनौती मिलेगी और शशि थरूर को सीपीआई के पन्नियन रवींद्रन से.
इंडिया ब्लॉक को झटका देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने सोमवार को केरल में आगामी लोकसभा चुनावों के लिए अपने चार उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की. सीपीआई ने तिरुवनंतपुरम से पन्नियन रवींद्रन और वायनाड से एनी राजा को मैदान में उतारा है. वीएस सुनील कुमार त्रिशूर से और अरुण कुमार मावेलिकारा से चुनाव लड़ेंगे. बता दें कि सीपीआई राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है, फिर भी उसने केरल में उन दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं, जहां से कांग्रेस के दो बड़े नेता वर्तमान में सांसद हैं.
कांग्रेस के शशि थरूर तिरुवनंतपुरम से और राहुल गांधी वायनाड से सांसद हैं. अगर राहुल गांधी वायनाड से लड़ते हैं तो उन्हें सीपीआई महासचिव डी राजा की पत्नी एनी राजा से चुनौती मिलेगी और शशि थरूर को सीपीआई के पन्नियन रवींद्रन से. सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने तिरुवनंतपुरम में राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा की. वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चे में सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) की सहयोगी पार्टी सीपीआई 20 लोकसभा सीटों में से 4 पर चुनाव लड़ेगी.
सीपीआई ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी केरल में 4 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन कोई भी सीट नहीं जीत सकी थी. केरल में 20 लोकसभा सीटें हैं. इनमें से 2019 में कांग्रेस को 15 सीटें , इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 2 सीटें मिली थीं. सीपीआई (एम), केसी (एम) और आरएसपी ने 1-1 सीटें जीती थीं. कांग्रेस नेता शशि थरूर तिरुवनंतपुरम संसदीय सीट का 2009 से प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. त्रिशूर से भाजपा के सेलिब्रिटी फेस सुरेश गोपी चुनाव लड़ेंगे.
राहुल ने 2019 में वायनाड में दर्ज की थी रिकॉर्ड जीत
पिछले लोकसभा चुनाव में, राहुल गांधी ने वायनाड में सीपीआई उम्मीदवार पीपी सुनीर को हराकर4.31 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी. हाल ही में सीपीआई ने राहुल के वायनाड से चुनाव लड़ने का विरोध करते हुए कहा था कि उन्हें हिंदी पट्टी में बीजेपी से मुकाबला करना चाहिए. सीपीआई चाहती थी कि राहुल गांधी वायनाड सीट छोड़ दें और उत्तर भारत में किसी सीट से चुनाव लड़ें. बता दें कि कांग्रेस और सीपीआई राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं.
कांग्रेस ने अभी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है, लेकिन पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि राहुल एक बार फिर वायनाड से ही चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी के वायनाड में चुनाव लड़ने की वजह से ही पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन यूडीएफ (United Democratic Front) को 2019 में 20 में से 19 लोकसभा सीटें जीतने में मदद मिली थी. यूडीएफ में वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (जोसेफ), केरल कांग्रेस (जैकब), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और कई अन्य छोटी पार्टियां शामिल हैं.

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