
IIT के प्रोफेसर की कैसे हुई अरविंद केजरीवाल से मुलाकात? जाने कौन हैं AAP के नए राष्ट्रीय महासचिव?
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पंजाब और गुजरात में 'आप' का संगठन मजबूत करने में संदीप पाठक का अहम रोल माना जाता है. पाठक पंजाब और गुजरात में चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. हिमाचल प्रदेश के प्रभारी रहे और दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के जेल जाने के बाद डॉ. संदीप पाठक को हिमाचल प्रदेश का सहप्रभारी भी बनाया गया था. संदीप पाठक आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते हैं.
राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त होने के बाद आम आदमी पार्टी अब 2024 की तैयारियों में जुट गई है. आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक को राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बनाया है. दिल्ली, पंजाब में जीत और गुजरात चुनाव में मिले वोट से राष्ट्रीय दर्जा मिलने को सफलता मान रही आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पद की जिम्मेदारी डॉ संदीप पाठक को सौंपी है.
पंजाब और गुजरात में 'आप' का संगठन मजबूत करने में संदीप पाठक का अहम रोल माना जाता है. पाठक पंजाब और गुजरात में चुनाव प्रभारी की ज़िम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. हिमाचल प्रदेश के प्रभारी रहे और दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के जेल जाने के बाद डॉ. संदीप पाठक को हिमाचल प्रदेश का सहप्रभारी भी बनाया गया था. संदीप पाठक आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के काफी करीबी माने जाते हैं.
कौन हैं संदीप पाठक?
संदीप पाठक छत्तीसगढ़ के निवासी हैं और किसान परिवार से आते हैं. जिला मुंगेली में 4 अक्टूबर 1979 को जन्मे संदीप पाठक ने लोरमी के प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई की है. बाद में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में छठी से आगे की पढ़ाई की. स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के बाद रिसर्च के लिए पाठक हैदराबाद और पुणे गए और वहां से कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने के बाद भारत लौटे. इसके बाद पाठक का दिल्ली के आईआईटी में सिलेक्शन हुआ था.
संदीप पाठक ने 'आजतक' से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि वैज्ञानिक होते हुए भी मेरी दिलचस्पी एक्टिव पॉलिटिक्स में आने की थी. अरविंद केजरीवाल की राजनीति ने मुझे अपनी तरफ आकर्षित किया. अन्ना आंदोलन के दौरान भी मैं विदेश में था लेकिन वहां से अरविंद केजरीवाल को लगातार सुनता रहा. साल 2016 में आईआईटी दिल्ली ज्वाइन कर ली थी, इस दौरान दिल्ली डायलॉग कमीशन के जरिए छोटे-छोटे प्रोजेक्ट पर काम किया. तब अरविंद केजरीवाल से जुड़ने का मौका मिला.
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