
Health Insurance क्यों जरूरी? आपको कितने का हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए? जानिए सबकुछ
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Health Insurance Details: सरकार स्वास्थ्य सेवा पर सकल घरेलू उत्पाद का सिर्फ 2.1% खर्च करती है, जो दुनिया में सबसे कम है. सरकारी अस्पताल संघर्ष कर रहे हैं, और ज्यादातर मिडिल के लोग वहां जाना पसंद नहीं करते.
ये जिंदगी अनमोल है, लेकिन आज के दौर में जब आप एक प्राइवेट अस्पताल में जाते हैं और इलाज के बाद हाथ में जो बिल आता है, उससे पता चलता है कि जिंदगी में पैसे की कितनी अहमियत है. दरअसल, बीमारी कभी भी बिन बुलाए आ सकती है, और साथ लाती है मेडिकल खर्चों का बोझ. लेकिन हेल्थ इंश्योरेंस आपके इस बोझ को हल्का कर सकता है. इसलिए हर किसी को अपने और अपने परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए.
हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी है, क्योंकि यह आपको और आपके परिवार को मेडिकल आपात स्थिति में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है. बीमारी के समय आपको अपनी जमा-पूंजी या आपातकालीन फंड खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती. इंश्योरेंस आपकी बचत को सुरक्षित रखता है. ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कैशलेस सुविधा देती हैं, जहां नेटवर्क अस्पतालों में बिल सीधे इंश्योरेंस कंपनी चुकाती है, इससे तुरंत इलाज संभव होता है.
हर दिन बढ़ रहा है हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च
दरअसल, भारत में मेडिकल खर्च हर साल 14-15% की दर से बढ़ रहा है. इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस भविष्य के बढ़ते खर्चों के लिए सुरक्षा देता है. सरकार स्वास्थ्य सेवा पर सकल घरेलू उत्पाद का सिर्फ 2.1% खर्च करती है, जो दुनिया में सबसे कम है. सरकारी अस्पताल संघर्ष कर रहे हैं, और ज्यादातर मिडिल के लोग वहां जाना पसंद नहीं करते.
ऐसे में प्राइवेट हॉस्पिटल का सहारा लेना पड़ता है और हम सभी जानते हैं कि वे कितने महंगे हैं. आप जहां भी रहते हैं वहां के टॉप अस्पतालों पर नजर डालिए वहां हमेशा भीड़ रहती है, बेड उपलब्ध नहीं होते हैं.

यूपी में सरकारी नौकरी का सपना देखना है तो खुद में बहुत सहनशीलता पैदा करनी होगी क्योंकि सिस्टम पर विश्वास तो बन नहीं पा रहा. एग्जाम देकर लंबा इंतजार करना फिर अगर परीक्षा कैंसिल होती है तो दिल में पत्थर रखकर री-एग्जाम, रिजल्ट और जॉइनिंग तक इंतजार करना. सरकार लगातार कह रही है लेकिन परीक्षाएं आयोजित कराने वाली संस्थाएं अब तक एक ऐसा पारदर्शी और स्वच्छ सिस्टम तैयार नहीं कर पाईं.












