
Gyanvapi Case: श्रृंगार गौरी मामले में मुस्लिम पक्ष को एक बार फिर झटका
AajTak
वाराणसी के श्रृंगार गौरी मामले में मुस्लिम पक्ष को एक बार फिर करारा झटका लगा है, क्योंकि कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस मांग को नजरअंदाज कर दिया जिसमें मुस्लिम पक्ष ने फैसले के दिन से अगली सुनवाई की तारीख के बीच में आठ हफ्तों का अंतराल मांगा था और इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया था.
वाराणसी के श्रृंगार गौरी मामले में जिला जज की अदालत की तरफ से 12 सितंबर को केस को सुनने योग्य मानने के बाद गुरुवार को फिर नियत समय पर शुरू हुई सुनवाई में मुस्लिम पक्ष को एक बार फिर करारा झटका लगा है, क्योंकि कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उस मांग को नजरअंदाज कर दिया जिसमें मुस्लिम पक्ष ने फैसले के दिन से अगली सुनवाई की तारीख के बीच में आठ हफ्तों का अंतराल मांगा था और इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया था.
मुस्लिम पक्ष की तरफ से लिखित जवाब भी 12 सितंबर से आए फैसले पर दे दिया. अब हिन्दू पक्ष की तरफ से किये कार्बन डेटिंग की मांग पर भी 29 सितंबर को सुनवाई होगी और साथ ही जिला जज की तरफ से 29 सितंबर को ही वन टेन के एप्लीकेशन का निस्तारण होगा.
गुरुवार को चली सुनवाई के बाद कोर्ट रूम से बाहर निकलने पर श्रृंगार गौरी पक्ष से वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से 12 सितंबर को आए आदेश पर अपना लिखित जवाब दाखिल कर दिया है. इसके अलावा कोर्ट ने सभी पक्षों की आपत्ति सुनने के बाद वन टेन के एप्लीकेशन के डिस्पोजल के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है.
उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से पूर्व में दिए गए कार्बन डेटिंग की मांग वाली एप्लीकेशन पर कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है, जिसके निस्तारण के लिए भी 29 सितंबर की तारीख तय की गई है. उन्होंने आगे बताया कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से मांगे गए आठ हफ्तों के समय वाले प्रार्थना पत्र को भी कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया है.
श्रृंगार गौरी पक्ष से वकील विष्णु शंकर जैन ने आगे बताया कि अगली 29 सितंबर की सुनवाई की तारीख पर कार्बन डेटिंग पर डिसीजन होगा और साथ ही वन-टेन पर भी डिस्पोजल होगा. वही मुस्लिम पक्ष की तरफ से अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के वकील रईस अहमद और मेराजुद्दीन ने बताया कि उनकी तरफ से सुनवाई के लिए आठ हफ्तों के बाद की तारीख वाले प्रार्थना पत्र से न्यायालय सहमत नहीं नजर आया.
वही हिंदू पक्ष की तरफ से कार्बन डेटिंग कराए जाने के प्रार्थना पत्र के बारे में उन्होंने बताया कि उसकी दरखास्त कोर्ट में गुरुवार को रिसीव कराई गई है, जिसको देखने के बाद ही आगे कुछ बताया जाएगा और जवाब दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से लिखित जवाब भी अंतिम 12 सितंबर को हुए आदेश के बाबत दाखिल कर दिया गया है. आगे वन-टेन पर भी 29 सितम्बर को ही सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) ने दस्तक दे दी है. कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में संक्रमण की वजह से 4,400 मुर्गियों की मौत हो गई है. प्रशासन ने एहतियातन 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित कर दिया है और मुर्गियों को मारने (कलिंग) की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

YouTube देख आया सपना, बिना UPSC क्लियर किए बन गए 'IAS'... शादी में 15 लाख कैश लेने वाले प्रीतम का सच
YouTube से IAS बनने का सपना देखने वाला प्रीतम निषाद आखिरकार पुलिस पूछताछ में टूट गया. गोरखपुर में फर्जी अफसर बनकर शादी रचाने वाले आरोपी ने कबूला कि उसने UPSC की परीक्षा कभी पास नहीं किया. 15 लाख लेकर शादी करने, दो शादियों और झूठी पहचान बनाने का भी राज खुल गया है. अब पुलिस उसके पूरे खेल और संभावित नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.










