
Guru Budh Gochar 2023: बुध और गुरु का रेवती नक्षत्र में प्रवेश, इन जातकों के शुरू होंगे अच्छे दिन
AajTak
Guru Budh Gochar 2023: 25 मार्च को गुरु और बुध ने एक साथ रेवती नक्षत्र में प्रवेश किया है. गुरु और बुध की युति बेहद शानदार मानी जाती है. बुध जहां एक तरफ बुद्धि वाणी को दर्शाते हैं. देवगुरु बृहस्पति ज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं. आइए जानते हैं कि रेवती नक्षत्र में बुध और गुरु की युति किन राशियों के लिए अच्छी साबित होने वाली है.
Guru Budh Gocahr 2023: बुध और गुरु की युति बेहद प्रभावशाली होती है. जब भी बुध और गुरु करेंगे तो उससे बेहद शुभ योग बनते हैं. ये योग कुंभ राशि के बेहद फलदायी होते हैं. 16 मार्च से बुध और गुरु एक साथ विराजमान हैं. लेकिन 25 मार्च को बुध और गुरु रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं. रेवती नक्षत्र में बुध और गुरु की युति बहुत दिलचस्प रहेगी. दोनों ग्रह रेवती नक्षत्र के चौथ पद को प्रभावित करेंगे. बुध और गुरु दोनों ग्रह आपस में शत्रु नहीं है. जब भी दोनों एक साथ आते हैं तो ये युति बेहद शुभ हो जाती है. बुध जहां एक तरफ बुद्धि वाणी को दर्शाते हैं. वहीं, देवगुरु बृहस्पति ज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं. बुध और गुरु की युति कुंभ के द्वितीय भाव यानी धन के भाव में होगी. आइए जानते हैं कि रेवती नक्षत्र में बुध और गुरु की युति किन राशियों के लिए अच्छी साबित होने वाली है.
1. वृषभ
वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध और बृहस्पति ग्यारहवें भाव में युति करने जा रहे हैं. भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा. पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है. धन कमाने के कई नए अवसर प्राप्त होंगे. आर्थिक लाभ हो सकता है. आर्थिक पक्ष के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों के लिए भी यह अवधि उत्तम रहेगी. समाज में बढ़ सकता है मान सम्मान. नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा. पारिवारिक दृष्टि से आपको अपने बड़े भाई या बहन का भी भरपूर समर्थन मिलेगा.
2. मिथुन
बुध और बृहस्पति की युति मिथुन राशि के जातकों के लिए उत्तम रहने की संभावना है. इस समय आपको करियर में कई नए अवसरों की प्राप्ति होगी. तरक्की हासिल करेंगे. साथ ही प्रॉपर्टी खरीदने के भी योग बन रहे हैं. वहीं कार्यक्षेत्र में मान सम्मान प्राप्त हो सकता है. कार्यस्थल पर मेहनत का फल प्राप्त होगा. कार्य में सीनियर्स की सराहना प्राप्त होगी.
3. वृश्चिक

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










