
GUJCET 2024: जारी हुए परीक्षा के एडमिट कार्ड, इस Direct Link से करें डाउनलोड
AajTak
गुजरात कॉमन एंट्रेस टेस्ट (GUJCET 2024) का आयोजन राज्यभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर 31 मार्च 2024 को आयोजित किया जाएगा. परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं.
GUJCET 2024 Admit Card: गुजरात सेकेंड्री एवं हायर सेकेंड्री एजुकेशन बोर्ड (GSHSEB) ने गुजरात कॉमन एंट्रेस टेस्ट (GUJCET 2024) के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं. यह एग्जाम 31 मार्च 2024 को आयोजित किया जाएगा. जिन भी उम्मीदवारों ने इस एग्जाम में भाग लेने के लिए आवेदन किया था वे ऑफिशियल वेबसाइट gseb.org से प्रेवश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं.
ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड:
एग्जाम देने से अभ्यर्थी जरूरी गाइडलाइन्स को पढ़कर जाएं. साथ ही ध्यान रखें कि परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र एवं एक वैलिड पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ लेकर जाएं, बिना एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के आपको एग्जाम सेंटर पर एंट्री नहीं दी जाएगी और आप एग्जाम देने से वंचित हो जाएंगे.
31 मार्च को आयोजित होगी परीक्षा
परीक्षा के पुराने शेड्यूल के हिसाब से एग्जाम 2 अप्रैल 2024 को आयोजित किया जा रहा था, लेकिन इसी दिन सीबीएसई बोर्ड 12वीं का फाइनल एग्जाम होना है. इसलिए अब परीक्षा को 31 मार्च को आयोजित किया जा रहा है. इसके लिए एंट्रेस प्रक्रिया 1 जनवरी से शुरू होकर 31 जनवरी तक खत्म की गई थी.
कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) तीन घंटे तक चलेगा. छात्रों के पास 40 प्रश्नों को हल करने के लिए 60 मिनट का समय होगा. एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग रखी गई है. गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक काट लिए जाएंगे. परीक्षा तीन भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती में आयोजित की जाएगी.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था, एक हफ्ते में दूसरी बार बड़े आउटेज का शिकार हुआ. शुक्रवार को भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों में करोड़ों यूजर्स को प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने में दिक्कत हुई. कई लोगों को लॉगिन पर खाली स्क्रीन दिखी. आउटेज की वजह अब तक साफ नहीं है.

कारों में दिए जाने वाले बड़े-बड़े टचस्क्रीन खतरनाक साबित हो सकते हैं. ऐसी कई रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि, सामान्य डैशबोर्ड की तुलना में ऐसी फीचर पैक्ड टचस्क्रीन वाले डैशबोर्ड ड्राइवर को ज्यादा डिस्ट्रैक्ट करते हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि, कहीं हम कारों को स्मार्ट बनाने के चक्कर में खतरा तो मोल नहीं ले रहे हैं.











