
Gujarat: 33 जिलों वाले गुजरात में कांग्रेस ने बना दिए 25 उपाध्यक्ष, 75 महासचिव
AajTak
Gujarat Assembly Elections: इस साल के अंत में गुजरात का रण है. इसके लिए कांग्रेस ने उपाध्यक्ष और सचिव नियुक्त किए हैं. साथ ही चुनाव जीतने की रणनीति बनाई जा रही है. वहीं गुजरात के पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की है.
Gujarat Assembly Elections: गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना हैं. इसे लेकर राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. सभी की का लक्ष्य सत्ता हासिल करना है. लिहाजा कांग्रेस ने बीते दिन यानी गुरुवार को पार्टी की नई गुजरात इकाई में 25 उपाध्यक्ष और 75 महासचिव नियुक्त किए.
एजेंसी के मुताबिक पार्टी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और डीसीसी अध्यक्षों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके तहत कांग्रेस ने गुजरात में 19 जिला अध्यक्षों को भी नियुक्त किया है.
नियुक्तियों के बाद गुजरात के AICC प्रभारी रघु शर्मा और PCC प्रमुख जगदीश ठाकोर सहित कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की और पार्टी में सुधार और मजबूत करने पर चर्चा की.
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस की CWC की बैठक हुई थी. इसमें राहुल गांधी ने कहा था कि हम लोग पुराने तरीकों से चुनाव लड़ रहे हैं, हमें यह तरीका बदलना होगा. साथ ही पार्टी में सुधार पर भी जिक्र हुआ था. अब पार्टी को अगला चुनाव गुजरात में लड़ना है. यहां भाजपा की सरकार है. लिहाजा गुजरात को जीतना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी.
अब गुजरात चुनाव में बहुत समय शेष नहीं है, लिहाजा तैयारियों के क्रम में पार्टी में नई नियुक्तियों का दौर जारी है. इसके साथ ही चुनाव जीतने की रणनीति बनाने के लिए राहुल गांधी प्रदेश के नेताओं से लगातार मंथन कर रहे हैं.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







