
Ganga Dussehra 2022 Date: 4 महायोगों के साथ आ रहा गंगा दशहरा, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
AajTak
Ganga Dussehra 2022 Date: गंगा दशहरा के दिन धरती पर मां गंगा अवतरित हुई थीं. इसलिए इस शुभ तिथि को गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने से 10 तरह के पापों (3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक) से मुक्ति मिलती है. इस बार गंगा दशहरा 9 जून को मनाया जाएगा और इस दिन चार शुभ संयोग भी बन रहे हैं.
Ganga Dussehra 2022 Date: ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाए जाने का विधान है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन धरती पर मां गंगा अवतरित हुई थीं. इसलिए इस शुभ तिथि को गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने से 10 तरह के पापों (3 कायिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक) से मुक्ति मिलती है. इस बार गंगा दशहरा 9 जून को मनाया जाएगा और इस दिन चार शुभ संयोग भी बन रहे हैं.
हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष महत्व बताया गया है. ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि गंगा दशहरा पर ग्रह-नक्षत्रों से मिलकर चार शुभ योग बन रहे हैं. गुरु-चंद्रमा और मंगल का दृष्टि संबंध रहेगा. इससे गज केसरी और महालक्ष्मी योग का निर्माण होगा. वहीं, वृष राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा. इसके अलावा, सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों से पूरे दिन रवि योग रहेगा. इस शुभ घड़ी में दान स्नान का महत्व और ज्यादा बढ़ जाएगा.
हस्त नक्षत्र में करें शुभ कार्य ज्योतिषियों का यह भी कहना है कि गंगा दशहरा के दिन ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण और कन्यास्थ चंद्रमा होगा. मां गंगा ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में ही पृथ्वी पर उतरी थीं. इसलिए हस्त नक्षत्र में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य पूर्णत: सफल माने जाते हैं. गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र सुबह 4 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा.
गंगा दशहरा पर स्नान मुहूर्त गंगा दशहरा की दशमी तिथि गुरुवार, 9 जून 2022 को सुबह 8 बजकर 23 मिनट से लेकर शुक्रवार, 10 जून को सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. इस बीच आप शुभ घड़ी देखकर किसी भी समय आस्था की डुबकी लगा सकते हैं. यदि आपके लिए गंगा घाट पर जाकर स्नान करना संभव नहीं है तो बाल्टी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं.
गंगा स्नान का शुभ समय
शुभ चौघड़िया- सूर्योदय से लेकर 7 बजकर 7 मिनट तकशुभ योग- सुबह 8 बजकर 23 मिनट से दोपहर 2 बजकर 5 मिनट तकसफलता योग- सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.











