
Ganesh Chaturthi 2023: मुंबई के पंडालों में चंद्रयान 3, राम मंदिर की थीम ने मचाई धूम, बनेंगे 66 किलो सोने से महागणपति
AajTak
Ganesh Chaturthi 2023: गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू होने वाला है, जिसको देखते हुए देश के तमाम राज्यों में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं और बाजार भी पूरी तरह से गणेश प्रतिमाओं से सज चुके हैं. लोग इन प्रतिमाओं की खरीदारी में जुटे हैं. इस साल 19 सितंबर से गणेश चतुर्थी की शुरुआत होगी. इसी दिन भक्त बप्पा को अपने घरों और पंडालों में विराजमान करेंगे.
Ganesh Chaturthi 2023: गणेश उत्सव शुरू हो चुका है. दरअसल, मुंबई में गणेश मंडलों ने अपने पंडालों के लिए गणपति उत्सव के लिए चंद्रयान-3 की थीम से लेकर अयोध्या के राम मंदिर जैसी कई थीम तैयार कर ली हैं. पूरा शहर 10 दिन के लिए सजाया जाएगा, जिसका समापन 28 सितंबर को होगा.
मुंबई में इस बार पंडालों की होगी विषयगत सजावट
मुंबई के लोग सजावट के सामान, फूल और पूजन सामग्री समेत अन्य त्योहार की सामग्री खरीदने के लिए शहर के लोकप्रिय शॉपिंग वाली जगहों जैसे दादर, क्रॉफर्ड बाजार और लोअर चॉल में उमड़ रहे हैं. दरअसल, इस साल गणेश उत्सव में लोगों को एक अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, क्योंकि शहर के गणपति मंडल अपने पंडालों के लिए बेहद आकर्षक थीम वाली सजावट लेकर आए हैं.
पंडाल देखने वाले लोगों को चंद्रयान 3 लॉन्च, अयोध्या राम मंदिर और मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक की 350 वीं वर्षगांठ की थीम देखने को मिलेगी, जिनको बड़े मंडलों द्वारा बनाया गया है.
जबकि ज्यादातर बड़े मंडल पिछले कुछ हफ्तों में ही बड़े समारोहों के दौरान अपनी मूर्तियों को पंडालों में ला चुके हैं. जो लोग घरों में गणेश उत्सव मनाएंगे वो लोग ढोल नगाड़ों के साथ मंगलवार के दिन गणपति की स्थापना करेंगे.
जानकारों की मानें तो शहर के सबसे प्रसिद्ध गणेश में से एक हैं लालबागचा. इस बार माना जा रहा है कि राजा लालबागचा की एक झलक पाने के लिए भक्त बड़ी संख्या में सेंट्रल मुंबई के लालबाग आ सकते हैं. इसके बाद माटुंगा में जीएसबी सेवा मंडल के गणपति, जिनको सबसे अमीर माना जाता है. ये अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध माने जाते है. अन्य प्रसिद्ध गणेश मंडल चिंचपोकली, गणेश गली और तेजुकाया में हैं. इनके अलावा लोगों को गिरगांव के खेतवाड़ी इलाके में शहर के सबसे ऊंचे 45 फीट के गणेश भी देखने को मिलेंगे.

10-12 साल के लड़के और अश्लील कमेंट...जॉगिंग के दौरान युवती के साथ छेड़छाड़, वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
बेंगलुरु के पास अवलाहल्ली जंगल में सुबह जॉगिंग कर रही रितिका सूर्यवंशी ने आरोप लगाया कि 10 से 13 साल के कुछ लड़कों ने उनके पहनावे और शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणियां कीं. रितिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि शुरुआत में उन्होंने बच्चों को नजरअंदाज किया, लेकिन जब बात बढ़ी तो उन्होंने उनका सामना किया.

Aaj 21 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 जनवरी 2026, दिन- बुधवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 13.58 बजे तक फिर शतभिषा नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में, सूर्य- मकर में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.19 बजे से दोपहर 15.01 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.33 बजे से दोपहर 13.52 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

राजस्थान SOG ने OMR फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए RSSB के टेक्निकल हेड संजय माथुर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि 2018 की तीन भर्ती परीक्षाओं में OMR शीट और रिजल्ट से छेड़छाड़ कर अयोग्य उम्मीदवारों के अंक बढ़ाए गए. जांच में फोटोशॉप के जरिए हेरफेर, रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है. मामले में IPC, आईटी एक्ट और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर जांच जारी है.

वीवो भारतीय बाजार में एक नया फोन लॉन्च करने वाला है. कंपनी Vivo X200T को लॉन्च करेगी, जो 50MP + 50MP + 50MP के ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आएगा. फोन को पावर देने के लिए 6,200mAh की बैटरी दी जा सकती है. इस फोन में MediaTek Dimensity 9400+ प्रोसेसर दिया जाएगा. आइए जानते हैं इस फोन की खास बातें और कब होगा लॉन्च.

Toll dues pending: नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए सरकार ने टोल से जुड़े नियम और सख्त कर दिए हैं. अब टोल का बकाया होने पर वाहन से जुड़े कई कामों को करने ही अनुमति नहीं मिलेगी. बिना टोल टैक्स का भुगतान (Toll Payment) के वाहन मालिकों को एनओसी, फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी.

हावर्ड के वर्चस्व को चीन से जबदस्त चुनौती मिल रही है. ये सिर्फ रैंकिंग का सवाल नहीं है, बड़ा प्रश्न ये है कि याने वाले समय में साइंस से जुड़े नियम कौन बनाएगा. क्योंकि चीन विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञता की मुहल लगाने वाले के तौर पर हार्वर्ड की जगह लेने के लिए खुद को तैयार कर रहा है. इन सबके बीच भारत के सामने के सामने क्या विकल्प हैं - या तो अपनी खुद की अनुसंधान शक्ति को विकसित करना या किसी एक पर आश्रित बने रहना.







