
G20 की एक तस्वीर बनी गवाह... 1947 से अब तक कैसे मजबूत हुए भारत और सऊदी अरब के रिश्ते?
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सऊदी अरब और भारत के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. जी20 शिखर सम्मेलन के सफल समापन के बाद क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान नई दिल्ली में ही हैं. उनका भारत का औपचारिक दौरा चल रहा है.
भारत की अध्यक्षता में हुए जी20 शिखर सम्मेलन से जुड़ी एक तस्वीर इस वक्त काफी वायरल है. ये कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन नजर आ रहे हैं. जब क्राउन प्रिंस और बाइडेन ने हाथ मिलाया, तभी पीएम मोदी ने दोनों का हाथ थाम लिया. तीनों नेताओं की इस तस्वीर के कई मायने निकाले जाने लगे. लेकिन जो बात सबसे ज्यादा समझ आई, वो है पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस के बीच बढ़ती नजदीकियां. इसका असर दुनिया के कई मंचों पर देखने को मिला है.
जी20 शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन नई दिल्ली में हुआ. इसमें शामिल नेता वापस लौट चुके हैं लेकिन सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस अब भी दिल्ली में हैं. इसके पीछे का कारण ये है कि वो भारत के राजकीय दौरे पर हैं. सोमवार को वो पीएम मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता कर रहे हैं. उनका राष्ट्रपति भवन में भी औपचारिक स्वागत किया गया. यहां पीएम मोदी ने उन्हें गले से लगा लिया. जब से नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं, तभी से खाड़ी देशों के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत करने पर काफी जोर दिया गया है. इनमें सऊदी अरब सबसे अहम भूमिका में हैं.
तस्वीर से कौन सी राहत मिली?
हाल के समय में ऐसा लग रहा था कि सऊदी अरब चीन के पाले में जा रहा है. खासतौर पर तब से जब उसने ईरान के साथ उसकी दोस्ती कराई. मिडिल ईस्ट में चीन के बढ़ते दखल ने इस चिंता और बढ़ा दिया. दूसरी तरफ अमेरिका में जब से जो बाइडेन राष्ट्रपति बने हैं, तभी से उसके सऊदी के साथ रिश्ते बिगड़ने लगे थे.
बाइडेन ने अपने चुनावी अभियान में क्राउन प्रिंस को पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के लिए कई बार जिम्मेदार ठहराया. फिर यमन युद्ध में भी अमेरिका ने सऊदी को अकेला छोड़ दिया. ऐसे में अब इस तस्वीर ने एक साथ कई संकेत दिए हैं. साथ ही ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ ने भी साबित कर दिया है कि सऊदी अरब अब भी अमेरिका और भारत के करीब रहना चाहता है. ऐसे में चीन से जुड़ी चिंताएं थोड़ी कम हो गई हैं.
मिडिल ईस्ट में सऊदी अरब एक बड़ी ताकत है. इसका इस्लामिक देशों पर खासा प्रभाव है. भारत के इसके साथ द्विपक्षीय रिश्ते पर एक नजर डाल लेते हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार-

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