
Fukushima Nuclear Plant का गंदा पानी समुद्र में छोड़ेगा Japan, Fishing Industry के प्रभावित होने की आशंका
Zee News
जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा (Yoshihide Suga) ने मंत्रियों की बैठक में कहा कि पानी निस्तारण की इस प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, न्यूक्लियर प्लांट को खाली करने की प्रक्रिया दशकों तक चलने वाली है. यह प्रक्रिया तभी होगी, जब पानी के सेफ्टी लेवल को सुनिश्चित कर लिया जाएगा.
टोक्यो: जापान (Japan) सरकार के एक फैसले ने चीन (China) सहित पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है. जापान अपने प्रभावित फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट (Fukushima Nuclear Plant) से एक मिलियन टन से भी ज्यादा प्रदूषित पानी (Contaminated water) समुद्र में छोड़ने की योजना बना रहा है. हालांकि, इस प्रक्रिया को शुरू होने में अभी कई साल हैं और इसके पूरा होने में कई दशक लग जाएंगे, लेकिन घोषणा के साथ ही इसका विरोध शुरू हो गया है. पड़ोसी देशों ने जापान के इस कदम को आत्मघाती बताया है. उनका कहना है कि यह पर्यावरण (Environment) के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध को दरकिनार करते हुए जापान सरकार का कहना है कि यह पानी समुद्र में छोड़ना सुरक्षित है, क्योंकि पानी को प्रोसेस करके इससे सभी रेडियोएक्टिव तत्व निकाल दिए गए हैं. सरकार के अनुसार, इस योजना का समर्थन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency -IAEA) ने भी किया है. उसका कहना है कि यह बिल्कुल वैसा ही है, जैसा दुनिया में कहीं भी न्यूक्लियर प्लांट के अपशिष्ट पानी का निस्तारण किया जाता है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



