
Exams in Corona: बोर्ड परीक्षाओं के दौरान स्कूल बन सकते हैं हॉटस्पॉट, सीएम केजरीवाल ने बताया कैसे होंगे एग्जाम
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Exams in Corona: केजरीवाल ने कहा कि अभी केंद्र सरकार ने 45 साल से अधिक आयु के लोगों को ही वैक्सीन देने का नियम रखा है. यदि हर उम्र के लोगों को वैक्सीन दिए जाने की सुविधा हो तो परीक्षाओं से पहले दिल्ली में सभी बच्चों को वैक्सीन दी जा सकती है.
Exams in Corona: देश पर हुए कोरोना के पलटवार के चलते आज रविवार को आजतक ने सीएम सम्मेलन का आयोजन किया. सीएम सम्मेलन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए और उन्होंने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लेकर अपनी चिंताएं भी साझा कीं. कोरोना काल में बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि अगले माह से शुरू हो रहे बोर्ड एग्जाम में 6 लाख बच्चे कैसे परीक्षा में शामिल होंगे. परीक्षार्थियों की संख्या 6 लाख से ज्यादा है जिसमें पैरेंट्स की गिनती भी जुड़ेगी. ऐसे में यह बिल्कुल संभव है कि एग्जाम सेंटर्स नए कोरोना हॉटस्पॉट बन जाएं.
आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









