
Elon Musk और पराग अग्रवाल कैसे बन गए 'दुश्मन'? इस बात से हुई थी शुरुआत, जानें पूरी कहानी
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गुरुवार को ही Elon Musk ने Twitter को खरीदने के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए बताया था कि उन्होंने ट्विटर को इसलिए खरीदा है ताकि हमारी आने वाली सभ्यता के पास एक कॉमन डिजिटल स्पेस हो, जहां विभिन्न विचारधारा और विश्वास के लोग किसी भी तरह की हिंसा के बिना स्वस्थ चर्चा कर सकें.''
इस साल 2022 कई बड़ी घटनाओं का गवाह है. एक ओर जहां रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध (Russia-Ukraine War) ने दुनियाभर में उथल-पुथल मचाई, तो वहीं दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (Elon Musk) और माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के बीच हुई डील (Elon Musk-Twitter Deal) भी खूब चर्चा में रही. हालांकि, कई उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार 28 अक्टूबर को ट्विटर की कमान पूरी तरह से मस्क के हाथों में आ गई. सबसे पहले बिजली गिरी कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल (Parag Agarwal) पर, लेकिन आप जानते हैं कि आखिर मस्क और अग्रवाल के बीच ऐसी क्या तनातनी थी?
पराग अग्रवाल ने यूं कसा था तंज ट्विटर (Twitter) से बाहर किए गए भारतीय मूल के पराग अग्रवाल (Parag Agarwal) शुरू से ही मस्क के खिलाफ खासे मुखर रहे हैं. मस्क की ओर से ट्विटर के लिए बोली लगाने के बाद से ही कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल के साथ उनकी नोकझोंक चल रही थी. एलन मस्क के ट्विटर को खरीदने का प्रस्ताव देने के बाद पराग अग्रवाल ने कई ऐसे बयान दिए थे, जिनसे दोनों के बीच तनातनी साफ उजागर हुई थी. बता दें पराग अग्रवाल ने डील की घोषणा के तुरंत बाद कर्मचारियों से टाउनहाल में कहा था, 'कंपनी का भविष्य अब अंधेरे में हैं, पता नहीं यह किस दिशा में जाएगी.'
पहले से लगाए जा रहे थे कयास Parag Agarwal के इस बयान के बाद से ही कयास लगाए जाने लगे थे कि क्या ट्विटर से उनकी छुट्टी हो जाएगी? हुआ भी कुछ ऐसा ही शुक्रवार 28 अक्टूबर 2022 को आखिरकार एलन मस्क ने ट्विटर डील (Twitter Deal) पूरी की और एक्शन मोड में आते ही सबसे पहले पराग अग्रवाल को बाहर का रास्ता दिखा दिया. उनके साथ कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नेड सेगल को भी बर्खास्त कर दिया गया है. इसके अलावा लीगल पॉलिसी, ट्रस्ट और सेफ्टी विभाग के हेड विजय गड्डे को भी निकाल दिया गया है.
एक साल भी नहीं रह पाए सीईओ भारतीय मूल के पराग अग्रवाल बीते साल दिसंबर 2021 में ही ट्विटर के सीईओ (Twitter CEO Parag Agarwal) बने थे. अग्रवाल ने करीब 10 साल पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर ट्विटर ज्वाइन किया था और 2017 में वह कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर बन गए थे. इसके बाद जैक डोर्सी के इस्तीफा देने के बाद पराग अग्रवाल को कंपनी का सीईओ बनाया गया था, लेकिन उनके सीईओ बनते ही एलन मस्क ने ट्विटर खरीदने का प्रस्ताव दे दिया और एक साल के भीतर ही पराग अग्रवाल की कंपनी से छुट्टी हो गई.
मस्क ने लगाया ये बड़ा आरोप एलन मस्क (Elon Musk) की ओर से ट्विटर डील को कैंसिल करने के ऐलान के बाद भी पराग अग्रवाल खुल कर सामने आए थे और उन्होंने चुटीले अंदाज में मस्क पर कई तंज कसे थे. वहीं ट्विटर के नए बॉस बने एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट की संख्या को लेकर पराग अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और ट्विटर के निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगाया था. मस्क के पास 27 अक्तूबर 2022 तक 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदने या कोर्ट ट्रायल का सामना करने की डेडलाइन थी.
एलन मस्क ने इसके साथ ही अपने ट्विटर अकाउंट से शुक्रवार को एक ट्वीट करते हुए कहा, 'चिड़िया आजाद हो गई.'

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