
AI का नौकरियों पर क्या असर? IMF चीफ ने कहा- पॉजिटिव, लेकिन...
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IMF की चीफ क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने इंडिया टुडे के साथ बातचीत के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के नौकरियों पर होने वाले असर पर बात की और इसका पॉजिटिव इम्पैक्ट बताया.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF की चीफ क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने आजतक के सहयोगी चैनल इंडिया टुडे के साथ खास बातचीत करते हुए एआई के रोजगार पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर तस्वीर साफ की. उन्होंने कहा कि AI पहले से ही नौकरियों के बाजार को एक नया और अलग रूप दे रही है, और इसका प्रभाव अपेक्षा से कहीं ज्यादा पड़ रहा है. IMF Chief ने इसके साथ ही कहा कि अब तक की रिसर्च बताती है कि इससे देशों में रोजगार पर कुल प्रभाव पॉजिटिव रहा है. हालांकि, उन्होंने ये अलर्ट भी दिया कि इसका लाभ सभी को समान रूप से नहीं मिल रहा है.
IMF चीफ ने दी ये चेतावनी क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा है कि एआई ग्लोबल इकोनॉमी (AI Impact On Global Economy) को एनर्जी दे सकती है. लेकिन इसे लेकर सावधानी बरतना भी जरूरी है, क्योंकि अगर ऐसा न किया गया तो यह खासतौर पर मिडिल क्लास की नौकरियों को कम कर सकता है. यही नहीं आईएमएफ चीफ ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि नई नौकरी चाहने वाले पेशेवरों के लिए बड़ी चुनौतियां पैदा कर सकता है.
चिंता कम करने के उपाय भी सुझाए हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि रोजगार पर एआई का प्रभाव वैसे तो पॉजिटिव ही है और जो चिंताएं इसे लेकर उभरी हैं, उन्हें खत्म के लिए उपाय किए जा सकते हैं. क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने महत्वपूर्ण सलाह भी शेयर कीं. उन्होंने बताया कि पहला ये है कि शिक्षा में बदलाव होना चाहिए. AI युग के लिए शिक्षा को उस हिसाब से पुनर्परिभाषित किया जाए. उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसे स्किल डेवलप करने चाहिए, जो उन्हें नौकरियों में बदलाव के साथ तेजी से तालमेल बिठाने में मदद करें.

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