
ED टीम पर हमला, CBI का एक्शन... संदेशखाली से बड़ी संख्या में हथियार और गोला-बारूद बरामद
AajTak
संदेशखाली में ईडी टीम के खिलाफ हिंसा के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सीबीआई ने इसी साल फरवरी में मामला दर्ज किया था. जिसके चलते इस मामले के आरोपी शाहजहां के आवासीय और आधिकारिक परिसरों की तलाशी ली गई.
Sandeshkhali ED Team Attack Case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ हिंसा से संबंधित एक मामले में पश्चिम बंगाल के संदेशखली (उत्तर 24 परगना) में दो ठिकानों पर छापेमारी और तलाशी के दौरान विदेश में निर्मित पिस्टल और रिवॉल्वर सहित बड़ी संख्या में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है.
ईडी टीम के खिलाफ हिंसा के मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सीबीआई ने आरसी 2/2024 कोल के तहत मामला दर्ज किया था. जिसके चलते इस मामले के आरोपी एसके शाहजहां के आवासीय और आधिकारिक परिसरों की तलाशी ली गई.
इस मामले की जांच के दौरान CBI को जानकारी मिली थी कि ईडी टीम की खोई वस्तुएं और अन्य आपत्तिजनक सामान संदेशखाली, उत्तर 24 परगना में शाहजहां के एक सहयोगी के आवास पर छिपाई जा सकता है. इसी जानकारी के आधार पर सीबीआई की टीम ने सीआरपीएफ जवानों के साथ शुक्रवार को उत्तर 24 परगना के ग्राम संदेशखाली में 2 परिसरों की तलाशी ली.
दोनों ठिकानों पर तलाशी के दौरान निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की गईं:-
(i) 03 विदेशी निर्मित रिवाल्वर (ii) 01 भारतीय रिवॉल्वर (iii) 01 कोल्ट आधिकारिक पुलिस रिवॉल्वर (iv) 01 विदेश निर्मित पिस्तौल (v) 01 देशी पिस्तौल (vi) 09 मिमी गोलियां- 120 नग (vii) .45 कैलिबर कारतूस - 50 नग (viii) 9 मिमी कैलिबर कारतूस-120 नग (ix) .380 कारतूस -50 नग (x) .32 कारतूस- 08 नग
इसके अलावा शाहजहां से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी सीबीआई की टीम को वहां से मिले हैं. कुछ ऐसा सामान भी बरामद हुआ है, जिनके देशी बम होने का शक है. उस सामान को एनएसजी की टीम संभाल रही हैं. इस मामले में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है.

मथुरा में गोरक्षक बाबा चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है. आरोप है कि गोत्सकरों ने फरसा बाबा को गाड़ी से कुचल दिया जिसके बाद उनकी मौत हो गई. अब सीएम योगी ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए अफसरों को कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है साथ ही कहाकि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

पाकिस्तान और चीन खुद को 'आयरन ब्रदर्स' कहते हैं, यानी ऐसी दोस्ती जो लोहे जैसी मजबूत है. लेकिन लोहे की एक फितरत होती है-अगर उसे खुले में और तूफानों में अनदेखा छोड़ दिया जाए, तो उसमें ज़ंग लग जाती है. आज पाकिस्तान ने अपनी इसी 'फौलादी दोस्ती' को अफगानिस्तान के साथ जंग और बलूच आतंकवाद की आंधी में झोंक दिया है.











