
DNA ANALYSIS: अद्भुत! पहली बार मानव रहित ड्रोन ने हवा में उड़ते हुए फाइटर जेट में भरा ईंधन
Zee News
दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ, जब एक मानव रहित ड्रोन ने हवा में उड़ते हुए एक फाइटर जेट में ईंधन भरा. किसी फाइटर जेट के जैसा दिखने वाला ये ड्रोन अमेरिका की Aerospace Company Boeing ने विकसित किया है.
नई दिल्ली: इंसान भले कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ युद्ध में बेबस है लेकिन पारम्परिक युद्ध में आज भी उसके पास कई आधुनिक शक्तियां हैं और इसे आप इस तस्वीर से समझ सकते हैं. अमेरिका से आई इस तस्वीर में आप देखेंगे कि कैसे American Navy के एक फाइटर जेट में मानव रहित ड्रोन से हवा में ईंधन भरा गया. दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ, जब एक मानव रहित ड्रोन ने हवा में उड़ते हुए एक फाइटर जेट में ईंधन भरा. अब आपको इस वीडियो की पूरी कहानी के बारे में बताते हैं. असल में किसी फाइटर जेट के जैसा दिखने वाला ये ड्रोन अमेरिका की Aerospace Company Boeing ने विकसित किया है. इस ड्रोन की ख़ास बात ये है कि इसे उड़ाने के लिए किसी पायलट की ज़रूरत नहीं होती और ये ड्रोन एक बार में 6 हज़ार 750 लीटर ईंधन लेकर उड़ सकता है. टेस्टिंग फ्लाइट के दौरान इस ड्रोन से फाइटर जेट में 146 लीटर ईंधन भरा गया था. कहने का मतलब ये है कि अपनी एक उड़ान के दौरान ये एक से ज़्यादा फाइटर जेट में भी ईंधन भरने की क्षमता रखता है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



