
Delhi: संसद भवन से चंद दूरी पर पुलिस-बदमाशों के बीच मुठभेड़, गैंगस्टर काला राणा के गुर्गे सहित 3 गिरफ्तार
AajTak
New Delhi: संसद भवन से चंद किलोमीटर की दूर पर नई दिल्ली इलाके के बुद्धा गार्डन के पास स्कार्पियो सवार बदमाशों से स्पेशल सेल की मुठभेड़ हुई. इसमें हरियाणा, पंजाब, बिहार और दिल्ली के वांटेड बदमाश गिरफ्तार किए गए.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और काला राणा गैंग के तीन गुर्गों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ गुरुवार देर शाम नई दिल्ली बुद्धा गार्डन इलाके में हुई. मुठभेड़ के बाद गैंगस्टर विवेक पुरी, अश्विनी कुमार और प्रशांत को पकड़ा गया है. इनके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. बदमाशों के पास से तीन पिस्टल और 13 कारतूस बरामद किए गए हैं. आरोपी बिहार के कई नामी लोगों से भी उगाही कर चुके हैं.
स्पेशल सेल के डीसीपी जमसीत सिंह के मुताबिक, जानकारी मिली थी कि बुद्धा गार्डन के पास लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तीन लोग स्कॉर्पियो कार में आने वाले हैं, तभी इंस्पेक्टर शिव कुमार और कर्मवीर के नेतृत्व में टीम बनाई गई. कार को आता देख जब उनको रुकने का इशारा किया तो टीम पर कार को चढ़ाने की कोशिश की.
वहीं, जब पुलिस टीम ने पीछा करते हुए उनको रोका तो कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. इसके जवाब में फायरिंग करते हुए पुलिस ने बदमाशों को काबू कर लिया. तलाशी में तीनों के पास से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 13 कारतूस बरामद किए गए. गिरफ्तार गैंगस्टर पिछले चार साल से लॉरेंस बिश्नोई और काला राणा के गिरोह से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे.
इससे पहले साल 2018 में बदमाश विवेक पुरी और प्रशांत काला राणा ने अपने 6 अन्य साथियों के संग मिलकर हरियाणा के अंबाला में हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती की वारदात को अंजाम दिया था. बदमाशों ने ज्वैलरी शोरूम को लूटने के दौरान अंधाधुंध फायरिंग कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी और एक अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया था. विवेक पुरी अपने साथियों के संग बिहार के गोपालगंज जिले में रंगदारी के 4 मामलों में वांटेड था.
गैंगस्टर पुरी ने बिहार के कई बिजनेसमैन, ज्वैलर्स, दुकान मालिकों, मेडिकल स्टोर संचालकों से लॉरेंस बिश्नोई के नाम से पिछले 4 महीनों के दौरान रंगदारी मांगी. विवेक पुरी और गुर्गों ने भी दो मामलों में पीड़ितों की दुकानों पर गोलियां चलाईं ताकि उन्हें डराकर जबरन वसूली की जा सके. पुरी पहले भी बिहार, पंजाब और हरियाणा में रंगदारी और डकैती, हत्या, हत्या के प्रयास जैसे मामलों में शामिल रहा है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









