
Darlings: स्ट्रगलिंग डेज में जब Vijay Varma से कहा गया 'तू शाहरुख खान नहीं है', आज बादशाह की फिल्म में दिखे एक्टर
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विजय वर्मा पिछले एक दशक से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं. इस पूरी जर्नी में विजय ने काफी कुछ सीखा है. इसी जर्नी के बारे में बात करते हुए विजय वर्मा ने कहा कि मैं 10 साल पहले इस शहर में आया था. आज 10 साल बाद मैं यह महसूस करता हूं कि लोगों ने अब मुझे पहचानना शुरू किया है.
Darlings review: फिल्म 'डार्लिंग्स' फेम विजय वर्मा (Vijay varma) एक ऐसे इंसान रहे, जो छोटे शहर से भागकर मुंबई आए. एक्टिंग की दुनिया का सबसे बड़ा सितारा बनने का सपना देखा और आज यह इस सपने को जी रहे हैं. हाल ही में इंटरव्यू में विजय वर्मा ने अपने उन दिनों को याद किया जब उनके पास बहुत कम काम था. कोई उन्हें फिल्म या ऐड ऑफर नहीं करता था. वह एक 'गरीब' इंसान थे जो अपनी पसंद का रोल किसी से भी नहीं मांग सकते थे. जो मिलता था उसी में काम करना और गुजारा करना होता था. लेकिन विजय ने भी कभी हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी ओर चीजें घुमाईं, सही प्रोजेक्ट्स चुनें और चीजों से सीख ली.
विजय वर्ना को याद आए स्ट्रगलिंग डेज आज विजय वर्मा के खाते में 'पिंक', 'द सूटेबल ब्वॉय', 'गली ब्वॉय' और 'डार्लिंग्स' जैसी फिल्में हैं. एक्टर ने अपने स्ट्रगलिंग के दिनों को याद कर इंडियन एक्स्प्रेस संग बातचीत में कहा, "कई प्रोजेक्ट्स मेरे पास आए और मैंने हर तरह का काम किया. मेरी एक अलग जर्नी रही है. मैं एक ऐसी स्थिति में था, जहां मैं अपनी मर्जी के रोल्स को चुन नहीं सकता था. ऐसे में मेरे पास जो आया, मैंने किया. जल्द ही मुझे यह बात समझ में आ गई कि भीख मांगने वाले भी अपनी पसंद से भीख मांग सकते हैं. ऑडिशन्स जब भी मैं देने जाता था तो मैं उस हिस्से का ऑडिशन देने से इनकार कर देता था जो मुझे पसंद नहीं आता था."
विजय वर्मा ने कहा, "मैंने तय किया कि मुझे मेरा काम अपने ही हाथ में लेना है. मुझे तय करना है कि मुझे अपने करियर में क्या करना है. मैं उन रोल्स पर काम नहीं करूंगा, जिनके साथ मैं इंसाफ नहीं कर सकता. मुझे शुरू से शुरुआत करनी होगी. और देखिए, आज मैं उस मुकाम पर हूं, जहां मैं अपनी पसंद की फिल्म कर रहा हूं और रोल भी. मैं उन रोल्स को करने से बच रहा हूं जो मैं पहले ही निभा चुका हूं. मैं स्क्रिप्ट पढ़ते हुए कई चीजों का ध्यान रखने लगा हूं. मैं फिल्म में क्या कर रहा हूं और तीसरी चीज पर ध्यान देता हूं कि फिल्म क्या कर सकती है. फिल्म क्या कहना चाह रही है और कितना अच्छा यह कर सकती है."
विजय वर्मा पिछले एक दशक से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं. इस पूरी जर्नी में विजय ने काफी कुछ सीखा है. इसी जर्नी के बारे में बात करते हुए विजय वर्मा ने कहा कि मैं 10 साल पहले इस शहर में आया था. आज 10 साल बाद मैं यह महसूस करता हूं कि लोगों ने अब मुझे पहचानना शुरू किया है. मैंने कई रिस्क लिए. कई बार ऐसा भी मौका आया जब मुझे अपने परिवार को नाराज करना पड़ा. मैं घर से भागकर आया. सब लोग कहते हैं कि मुंबई आना और रहना आसान नहीं. कुछ बन जाना तो उससे भी ज्यादा मुश्किल होता है. मुझे कई लोगों ने कहा कि तू शाहरुख खान नहीं है, लेकिन देखिए आज मैंने शाहरुख खान की फिल्म में काम किया है. शाहरुख खान ने मुझे काम दिया है.

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