
CWG गेम्स के लिए दिल्ली से कितनी अलग तैयार होगी अहमदाबाद सिटी? तब बुलेट ट्रेन भी चल रही होगी
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2030 का CWG अहमदाबाद भारत को 'फ्यूचर-रेडी' नेशन के रूप में पेश करेगा. यानी कि तेज, स्मार्ट और समावेशी. यह न सिर्फ खेलों का उत्सव होगा, बल्कि 2047 के सपने की एक झलक भी पेश करेगा. ये वो साल होगा जबतक अहमबाद में बुलेट ट्रेन फर्राटा भरने लगेगी.
अहमदाबाद (अमदावाद) 2030 के सेंचुरी कॉमनवेल्थ गेम्स का होस्ट शहर बनने जा रहा है. यह भारत के लिए ऐतिहासिक मौका है, जहां 15-17 खेलों के साथ ग्लोबल एथलीट्स इकट्ठा होंगे. CWG 2030 न केवल खेलों का महाकुंभ होगा, बल्कि ऐसे बुलंद भारत की तस्वीर पेश करेगा जो विकासशील से विकसित राष्ट्रों की कैटेगरी में प्रस्थान कर रहा होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में होने से यह आयोजन इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी के माध्यम से भारत की प्रगति को दुनिया के सामने रखेगा.
ध्यान रखें कि 2030 वो डेडलाइन है जिससे पहले ही भारत उन देशों में शामिल हो जाएगा जिसके पास अपना बुलेट ट्रेन होगा. और ये बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से निकलकर मुंबई तक जाएगी. भारत बुलेट ट्रेनों और आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रा के जरिए यह दिखाएगा कि अब भारत सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि ग्लोबल लीडर है.
लेकिन अहमदाबाद कॉमनवेल्थ खेलों के सफल आयोजन के लिए अरबों रुपये खर्च करने होंगे. एक रिपोर्ट के अनुसार इन खेलों का सिर्फ ऑपरेशनल लागत ही 3000 से 5000 करोड़ के बीच आ सकता है. इस खेल की प्लानिंग से जुड़े भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि इस बड़े इवेंट की कुल लागत को फाइनल करने के लिए, स्पोर्ट्स और पब्लिक यूटिलिटी सुविधाओं सहित चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के अनुमान पर अभी भी काम चल रहा है.
ऑपरेशनल कॉस्ट गेम के आयोजन का छोटा हिस्सा
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि गुजरात ने दिल्ली में 2010 के गेम्स से जरूरी सबक लिए हैं. ये गेम, करप्शन, क्वालिटी समेत कई विवादों में घिर गया था. इसकी वजह से इसमें अनुमान से कई गुना ज्यादा खर्चा हुआ था.
रिपोर्ट के अनुसार, "अहमदाबाद CWG की ऑपरेशनल कॉस्ट 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये होगी. इसमें वह फंड (कैपिटल खर्च) शामिल नहीं है जो दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में लगेगा, इसका कुछ हिस्सा अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट संभालेगा."

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