
Couvade syndrome: जब पुरुष हो जाते हैं 'प्रेग्नेंट', उल्टी, पेट फूलना... दिखते हैं ये लक्षण
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प्रेग्नेंसी एक खूबसूरत एहसास है जिसका अनुभव सिर्फ महिलाएं ही कर सकती हैं. हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ पुरुष भी प्रेग्नेंसी के लक्षणों को अनुभव कर सकते हैं. ऐसे लक्षण महसूस करने वाले पुरुषों में कौवॉड सिंड्रोम पाया जाता है.
प्रेग्नेंसी एक खूबसूरत एहसास है जिसका अनुभव सिर्फ महिलाएं ही कर सकती हैं. हालांकि, आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ पुरुष भी प्रेग्नेंसी के लक्षणों को अनुभव कर सकते हैं. ऐसे लक्षण महसूस करने वाले पुरुषों में कौवॉड सिंड्रोम पाया जाता है. अपने महिला पार्टनर की प्रेग्नेंसी का असर इन पुरुषों पर इस कदर होता है कि वो पार्टनर को महसूस होने वाले सारे लक्षण खुद भी महसूस करने लगते हैं. इसे 'सहानुभूति गर्भावस्था' (Sympathetic pregnancy) भी कहा जाता है. मेडिकल रूप से इसे अभी तक किसी भी तरह का डिसऑर्डर नहीं माना गया है. लंदन सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल की एक स्टडी के मुताबिक, कौवॉड सिंड्रोम होने पर पुरुषों को महिलाओं के जैसे ही पेट में दर्द, पेट फूलना, पीठ में दर्द, आलस आना, मॉर्निंग सिकनेस, दांत में दर्त, ज्यादा भूख लगने जैसे प्रेग्नेंसी के लक्षण महसूस होते हैं. इसके अलावा डिप्रेशन, मूड में बदलाव, सुबह जल्दी उठना, तनाव और यादाश्त कमजोर होने जैसे लक्षण भी पाए जाते हैं. कुल मिलाकर कहा जाए तो प्रेग्नेंसी के समय जो पुरुष अपनी महिला पार्टनर और होने वाले बच्चे के प्रति बहुत ज्यादा सहानुभूति रखते हैं, उनमें कौवॉड सिंड्रोम के लक्षण आने लगते हैं. इसके अलावा, होने वाले बच्चे के बारे में बहुत ज्यादा सोचने से भी इसका असर शरीर पर पड़ने लगता है. ये सिंड्रोम प्रेग्नेंसी के पैटर्न पर ही चलता है. ये प्रेग्नेंसी के पहली तिमाही में शुरू होता है, दूसरे में अस्थायी रूप से चला जाता है और अंतिम तिमाही में फिर से इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. बच्चे के पैदा होने के बाद भी कुछ दिनों तक ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
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