
Corona से लड़खड़ाई Chinese Economy, राष्ट्रपति Jinping के ड्रीम प्रोजेक्ट Belt Road Initiative पर लगा Break
Zee News
स्वतंत्र रूप से शोध करने वाले संगठन रोडियम ग्रुप (Rhodium Group) के अनुसार बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव में कोरोना से पहले ही प्रगति धीमी होने लगी थी और कोरोना ने स्थिति ज्यादा खराब कर दी है. पिछले तीन वर्षों में चीन का निवेश लगभग स्थिर हो गया है. चीन के पास प्रोजेक्ट पर खर्च करने के लिए पैसा नहीं है.
बीजिंग: कोरोना (Coronavirus) महामारी और अपनी आदतों के चलते दुनिया भर के निशाने पर आए चीन (China) को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के ड्रीम प्रोजेक्ट बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (Belt Road Initiative-BRI) पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. बीजिंग के पास बीआरआई के तहत बनाई परियोजनाओं के लिए पैसा नहीं है. बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव पर शोध करने वालों का कहना है कि 2020 में चीन का निवेश तेजी से घट गया है. इसमें एक वर्ष में कम से कम 54 फीसदी की गिरावट आई है. ‘काबुल टाइम्स’ के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय के इंटरनेशनल इकोनोमिक अफेयर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जनरल वांग शियालोंग (Wang Xiaolong) ने बताया कि BRI के 20 फीसदी कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. जबकि 30 से 40 प्रतिशत कामों पर प्रतिकूल असर पड़ा है. कोरोना ने चीन की अर्थव्यवस्था (Economy) को बुरी तरह प्रभावित किया है. 2016 में BRI में निवेश 75 बिलियन डॉलर था, जो 2020 में घटकर मात्र 3 बिलियन डॉलर रह गया.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



