
China के खिलाफ और सख्त हुआ America, Huawei सहित पांच कंपनियों को बताया National Security Threat
Zee News
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने भी चीन के खिलाफ वही रुख अपनाया है, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपनाया था. ट्रंप ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में भी बीजिंग की मुश्किलें बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. उन्होंने चीनी कंपनियों पर कई प्रतिबंध लगाए थे.
वॉशिंगटन: चीन (China) के साथ लगातार बिगड़ते रिश्तों के बीच अमेरिका (America) ने एक और सख्त कदम उठाया है. अमेरिका ने चीन की पांच कंपनियों (Chinese Companies) को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया है. इन कंपनियों में हुवावे (Huawei) भी शामिल है. अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन (FCC) और होमलैंड सिक्योरिटी ब्यूरो ने एक लिस्ट जारी की है. जिसमें उन कंपनियों के नाम हैं, जो संचार के उपकरणों के मामले में विश्वसनीय नहीं हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा (National Security Threats) बन सकती हैं. हमारी सहयोगी वेबसाइट WION में छपी खबर के अनुसार, लिस्ट में शामिल पांचों कंपनियों को उपकरण और सर्विस दोनों के लिए ही विश्वनीय नहीं माना गया है. FCC का कहना है कि लिस्ट में शामिल कंपनियां अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं. इन कंपनियों पर किसी भी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है. अमेरिकी के इस कदम से चीन का पारा चढ़ना लाजमी है.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



