
Chapra Hooch Tragedy: थाने से गायब स्प्रिट बनी 39 मौतों की वजह? छपरा में जहरीली शराब के मामले में चौंकाने वाला दावा
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Chhapra hooch case: बिहार में सात साल से शराबबंदी लागू है, इसके बाद भी जहरीली शराब पीने से दर्जनों मौतें होने के कई मामले सामने आ चुके हैं. ताजा मामला छपरा में सामने आया है. यहां कथित जहरीली शराब पीने से 39 लोगों की अब मौत हो चुकी है. इस मामले में लोग दबी जुबान से कह कर रहे हैं कि थाने में जब्त अवैध स्प्रिट से जहरीली शराब बनाई गई थी.
Bihar hooch case: बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने से 39 लोगों की मौत हो गई. इस पूरे मामले में प्रशासन चुप्पी साधे हुए है, वहीं स्थानीय लोगों में चर्चा है कि थाने में रखी अवैध स्प्रिट को चोरी से शराब कारोबारियों को बेच दिया गया, जिससे तैयार जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों में चर्चा है कि कुछ महीने पहले मशरक पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध स्प्रिट जब्त की थी. इनमें एक ड्रम स्प्रिट, जिसमें 210 लीटर स्प्रिट भरी थी, उसे थाना परिसर से गायब करके बेच दी गई. ग्रामीणों का दबी जुबान से कहना है कि मशरक थाने के चौकीदारों ने इस ड्रम को चोरी से शराब माफिया को बेच दिया. इसके बाद इन शराब कारोबारियों ने इसी स्प्रिट से जहरीली शराब तैयार की, जिसे पीने से इतने लोगों की मौत हो गई. हालांकि कोई भी ग्रामीण इस बात को खुलकर नहीं बोल रहा है.
वहीं आजतक के पास जो वीडियो है, उसे देखकर लग रहा है कि मशरक थाना परिसर में रखे ड्रामों की कतार से एक ड्रम गायब है, जिसकी गवाही जमीन पर बना ड्रम के आकार का गोल घेरा और घेरे में दबी हुई घास दे रही है. हालांकि इस मामले में जब सारण पुलिस अधीक्षक से पूछा किया उन्होंने इसे अफवाह बताया. उन्होंने कहा कि जांच की दिशा भटकाने के लिए ऐसी बातें फैलाई जा रही हैं.
31 पुलिस अफसरों की एसआईटी गठित
वहीं जहरीली शराब मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है. एक अतिरिक्त एसपी इस टीम का नेतृत्व करेंगे. पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने मीडिया को बताया कि एसआईटी में कुल 31 पुलिस अफसरों को शामिल किया गया है. इसमें तीन डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं.

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