CBSE बोर्ड का मार्क्स वेरिफिकेशन फॉर्मूला जारी, 10वीं-12वीं के नंबर्स से खुश नहीं हैं तो ये करें
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सबसे पहले परिणाम समितियों द्वारा री-प्रजेंटेशन की समीक्षा की जाएगी और यदि वे पाते हैं कि परिणाम सही नहीं था, तो उन्हें सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय को एक अभ्यावेदन देना होगा, जो इसे हेड ऑफिस तक ले जाएगा.
सीबीएसई बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट आ चुका है. जो छात्र सीबीएसई की वैकल्पिक मूल्यांकन योजना से गणना किए गए अपने दसवीं और बारहवीं कक्षा के परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं तो वो परिणाम को चुनौती दे सकते हैं. अगर छात्र अपने रिजल्ट को चुनौती देना चाहते हैं तो वे आज से अपना रीप्रजेंटेशन स्कूल में जमा कर सकते हैं, जानिए क्या है CBSE का वेरिफिकेशन के लिए बना डिस्प्यूट रेजॉल्यूशन मेकेनिज्म, कैसे करा सकते हैं अपने नंबरोंं का मूल्यांकन. स्कूल स्तर पर लागू की गई टैबुलेशन प्रोसेस से इस बार दसवीं और बारहवीं दोनों के लिए परिणाम तैयार किए गए हैं. लेकिन अगर आप अपने रिजल्ट से खुश नहीं हैं तो उससे संतुष्ट होने के लिए सीबीएसई बोर्ड आपको रिजल्ट या मार्क्स वेरिफिकेशन का एक और मौका दे रहा है. इसके लिए बोर्ड ने नई डिस्प्यूट रिड्रेसल पॉलिसी (CBSE Dispute Redressal Policy) जारी की है. इसके अनुसार छात्र अपने-अपने स्कूलों में गठित रिजल्ट कमेटीज को दावों और आधारों के साथ अपना रीप्रजेंटेशन दे सकते हैं. इसके लिए बोर्ड ने रिजल्ट के विवादों यानी डिस्प्यूट को चार भागों में बांटा है. इसमें एप्लाई करने की समय सीमा भी जारी कर दी गई है. इसमें पहले और दूसरे भाग के अनुसार निर्देश दिए गए हैं कि इस साल रिजल्ट कमेटी ने परिणाम तैयार किए हैं और बोर्ड की वेबसाइट पर कंप्यूटेशन के लिए अपलोड किया गया. अगर स्टूडेंट उन्हें अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे अपने स्कूल प्रिंसिपल को उनका रिजल्ट वेरिफाई कराने के लिए कह सकते हैं.
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