
BJP को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष? जोधपुर में होने वाली RSS की बैठक में लगेगी नाम पर मुहर
AajTak
RSS 5 से 7 सितंबर तक जोधपुर में तीन दिवसीय समन्वय बैठक आयोजित करेगा, जिसमें नए बीजेपी अध्यक्ष के चयन पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है. इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, महासचिव दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति, बीजेपी के दिग्गज नेता और 32 सहयोगी संगठनों के नेता इस बैठक में शामिल होंगे.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष के बदलाव को लेकर चर्चाएं एक बार फिर से तेज हो गई है. क्योंकि अगले महीने राजस्थान के जोधपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 5 से 7 सितंबर तक तीन दिवसीय समन्वय बैठक आयोजित होने जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में नए बीजेपी अध्यक्ष के नाम को लेकर भी चर्चा हो सकती है.
इस तीन की बैठक में बीजेपी और आरएसएस के दिग्गज नेता शामिल होने जा रहे हैं. बैठक में आरएसएस के प्रमुख प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य और सभी कोऑर्डिनेटर मौजूद रहेंगे. वहीं बीजेपी की ओर से जेपी नड्डा, बीएल संतोष, सुनील बंसल, सौदान सिंह, शिवप्रकाश और वी सतीश जैसे नेता शामिल होंगे.
इसके अलावा आरएसएस के उप-संगठनों के प्रमुख और आरएसएस के मेंबर्स भी इस अहम बैठक में शामिल होंगे. इसके अलावा, 32 संगठनों के प्रतिनिधि, जिनमें ABVP, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, स्वदेशी जागरण मंच, वनवासी कल्याण और सेवा समिति शामिल हैं. सभी संगठन अपनी एक साल की रिपोर्ट पेश करेंगे.
समकालीन विषयों पर भी मंथन
इस बैठक में समकालीन (वर्तमान समय से संबंधित समस्याओं) पर चर्चा की जाएगी, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ़ नीति और RSS शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की तैयारियां शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: बीजेपी में मंथन का दौर जारी: अध्यक्ष पद, कैबिनेट विस्तार और सांगठनिक चुनावों पर टिकी हैं निगाहें

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?

जब UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्र सड़कों पर विरोध कर रहे थे और ये कह रहे थे कि उन्हें ज़बरदस्ती अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, तब सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इन नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जिससे छात्रों को राहत मिली है. यह कदम छात्रों के अधिकारों की रक्षा और न्यायसंगत प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय और हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है.







